गंगा नरम तो कोशी गरम, 3 लाख पार हुआ वाटर डिस्चार्ज, कई गाँव में पानी का प्रवेश!

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रिपोर्ट – संतोष चौहान!

सुपौल। कोसी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटबंध के अंदर बसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस साल पहली बार कोसी नदी में 3 लाख 16 हजार 795 क्यूसेक पानी का सर्वाधिक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ तटबंध के अंदर बसे कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कोसी के उफान के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर घरों के आसपास पानी जमा हो गया है, जबकि कुछ घरों के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों को ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे की भी समस्या उत्पन्न होने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने के साथ ही तटबंध के अंदर बसे गांवों में बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। पानी के फैलाव से खेत-खलिहान भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अपने जरूरी सामान और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
कोसी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों की सुरक्षा और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों से नदी एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने और सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
कोसी का बढ़ता जलस्तर फिलहाल तटबंध के अंदर बसे लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं

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