रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।
मंत्री ने साफ किया है कि इस बार चुनाव बिना नए परिसीमन के ही होगा। चुनाव मौजूदा पंचायत सीमाओं पर ही कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2021 में कोरोना के कारण जनगणना नहीं हो पाई थी और नया डाटा उपलब्ध नहीं है, इसलिए परिसीमन नहीं होगा। जनगणना का डाटा मिलने के बाद ही भविष्य में परिसीमन पर विचार होगा।
EBC आरक्षण पर नया फॉर्मूला –
- इस बार EBC आरक्षण राज्य स्तर के फिक्स 20% से नहीं होगा। हर पंचायत में जमीनी सर्वे के आधार पर तय होगा। आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन किया जाएगा।
- विभाग एक महीने के भीतर नई गाइडलाइन तैयार कर अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजेगा। आयोग को Dedicated Commission घोषित किया गया है जो सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट के तहत Empirical Data जुटाएगा।
- कुल आरक्षण SC/ST + EBC मिलाकर 50% से अधिक नहीं होगा। पहले SC/ST का कोटा आबादी के आधार पर तय होगा, फिर बची हुई सीमा में EBC को आरक्षण मिलेगा।
10 साल बाद नया रोस्टर लागू होगा –
बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के तहत हर 10 साल पर आरक्षण रोस्टर बदलता है। पिछला रोस्टर 2016 में बना था जिस पर 2016 और 2021 के चुनाव हुए। अब 2026 में नया रोस्टर लागू होगा।
इससे कई सामान्य सीटें आरक्षित और आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं। महिला आरक्षण की 50% सीटें भी बदल जाएंगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि इस बार पहली बार 6 पदों के लिए एक कंट्रोल यूनिट और 6 बैलेट यूनिट वाली मल्टी-पोस्ट EVM से वोटिंग होगी, जिससे प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही को दूसरी बड़ी प्राथमिकता बताते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग में फर्जी वंशावली / केवाला जैसे फर्जी दस्तावेजों पर रोक और पंचायत सचिवों के कामकाज पर सख्त निगरानी की जाएगी।



