रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार के जमुई से सामने आया एक वीडियो मानवता को शर्मसार करने वाला है और इसी वीडियो ने बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है।
शुरुआत उसी वायरल वीडियो से होती है जो 19 सितंबर की शाम जमुई लखीसराय बॉर्डर पर मड़वा पहाड़ कुंदर डैम के पास का बताया जा रहा है जहाँ कोचिंग से लौट रहे दसवीं के एक छात्र और छात्रा को कुछ युवकों ने रोक लिया और उनके साथ बदसलूकी की। वीडियो में लड़की हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाती रही लेकिन युवक उसे घेरे रहे और गलत तरीके से छूते खींचते रहे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जमुई पुलिस हरकत में आई। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं आई थी लेकिन सोशल मीडिया के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़ितों की पहचान की गई उनका बयान दर्ज किया गया और मड़वा गांव में छापेमारी कर तीन आरोपियों मिथिलेश प्रमोद और गोलू चौधरी को गिरफ्तार किया गया है जबकि वीडियो में दिख रहे बाकी लोगों की पहचान की जा रही है।
इसी घटना को लेकर विपक्ष ने बिहार सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि जमुई की घटना ने बिहार का सिर शर्म से झुका दिया है ये सरकार की विफलता है कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं प्रदेश में भय का वातावरण बन रहा है और सम्राट चौधरी सरकार मौन है उसे जवाब देना होगा- शक्ति सिंह यादव!
वहीं इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए बीजेपी में शामिल हुए पूर्व आरजेडी प्रवक्ता और वर्तमान बीजेपी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में सुशासन की सरकार है पुलिस अपना काम कर रही है वीडियो की जांच हो रही है और जो भी दोषी होगा वो बख्शा नहीं जाएगा!
बिहार की खेल मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है पीड़ित को न्याय मिलेगा- मृत्युंजय तिवारी!
तो वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कानून के त्वरित एक्शन की बात कहते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि जैसे ही वीडियो आया पुलिस ने एक्शन लिया दोषी बख्शे नहीं जाएंगे लेकिन राहुल गांधी जैसे नेताओं को कोई गंभीरता से नहीं लेता जो प्रधानमंत्री की मां की मिमिक्री करते हैं वो महिलाओं के सम्मान की बात क्या करेंगे उन्हें देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए- संजय सरावगी!
फिलहाल पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिला सुरक्षा और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



