रिपोर्ट – धीरज कुमार!
बक्सर का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पूर्व सदर विधायक मुन्ना तिवारी ने सिविल सर्जन और जिलाधिकारी की व्यवस्था पर उठाए बड़े सवाल
बक्सर। बक्सर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जहां एक कर्मी के द्वारा संसाधन के अभाव में शव को करीब 15-20 मीटर तक घसीट कर पोस्टमार्टम रूम के अंदर ले जाया जा रहा है। इस वायरल वीडियो ने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। यह तस्वीर नहीं, यह बिहार की व्यवस्था का पोस्टमार्टम है।
इस पूरे शर्मनाक मामले पर बक्सर के पूर्व सदर विधायक मुन्ना तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर यहां के सिविल सर्जन और जिलाधिकारी की कार्यशैली और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा –
“बक्सर के पोस्टमार्टम हाउस की ये तस्वीर देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया है। इससे बड़ी शर्मसार करने वाली बात कोई हो ही नहीं सकती। एक तरफ सरकार सुशासन का दावा करती है, दूसरी तरफ बक्सर सदर अस्पताल में एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं है।
मैं सीधा सवाल पूछना चाहता हूँ सिविल सर्जन साहब से और जिलाधिकारी महोदया से कि आखिर आपकी व्यवस्था कहां सो रही है? क्या मरने वाले के परिजनों के सम्मान की कोई कीमत नहीं है? अगर पोस्टमार्टम हाउस में यही हाल है तो अस्पताल के अंदर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
ये घोर लापरवाही है, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
गौरतलब है कि बक्सर पुराना सदर अस्पताल स्थित सरकारी पोस्टमार्टम हाउस में लंबे समय से संसाधनों का अभाव बताया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी और बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, और अब तो करीब 15-20 मीटर तक शव को घसीटने का यह शर्मनाक वीडियो सामने आया है।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है और लोग जिला प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
बाईट- संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पूर्व सदर विधायक बक्सर



