रिपोर्ट – निभाष मोदी!
अकबरनगर स्टेशन पर मौत का तांडव! ट्रेन की चपेट में आए पति-पत्नी, मौके पर मौत… 4 साल का मासूम जिंदगी और मौत से जूझ रहा
भागलपुर।08 सितंबर 2026,जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर अकबरनगर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। ट्रेन पकड़ने की कोशिश में पहुंचे एक दंपती के लिए रेलवे ट्रैक पार करना उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। वर्धमान पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद महज चार साल का मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।जानकारी के अनुसार, मृतक पति-पत्नी मूल रूप से बांका जिले के अमरपुर इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दोनों अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ अकबरनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें ट्रेन पकड़नी थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करते समय अचानक वर्धमान पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजरने लगी। इससे पहले कि दंपती कुछ समझ पाते या खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जा पाते, वे ट्रेन की चपेट में आ गए।हादसा इतना भीषण था कि दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं उनका चार वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक के पास पड़ा मिला। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जुट गए। मासूम की हालत देखकर लोगों में भी गम और चिंता का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हुई। आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है।रेल पुलिस अब हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दंपती रेलवे ट्रैक पार क्यों कर रहे थे और हादसा आखिर किस परिस्थिति में हुआ। साथ ही मृतक पति-पत्नी की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया भी की जा रही है।इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के गंभीर परिणाम को सामने ला दिया है। रेलवे की ओर से लगातार यात्रियों से अपील की जाती है कि वे निर्धारित फुटओवर ब्रिज या अन्य सुरक्षित रास्ते का ही इस्तेमाल करें और किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन के सामने या रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम न उठाएं।फिलहाल इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर यही है कि जिस बच्चे को अपने माता-पिता के साथ सफर पर निकलना था, वही मासूम अब गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है। एक पल की जल्दबाजी ने एक परिवार को ऐसी त्रासदी में धकेल दिया, जिसका दर्द शायद जिंदगी भर खत्म नहीं होगा।




