एएसआई हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा, सभी एक ही परिवार के!

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रिपोर्ट – सुमित कुमार!

-मुंगेर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन वर्ष 2025 में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी की हत्या के मामले में अदालत ने आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई । एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने 24 अगस्त को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सभी आठ अभियुक्तों को दोषी पाया। सोमवार को अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 25 हजार रूपये का जुर्माना।

मामला 14 मार्च 2025 का है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना पर डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, सिपाही दीपक कुमार के साथ पहुंचे और मामला शांत कराया। शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को फिर गाली-गलौज करते देखा गया। पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी ने एकजुट होकर लोहे की रड, दबिया, हुक तथा लात-मुक्के से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।इलाज के दौरान पारस अस्पताल, पटना में उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में केस दर्ज किया गया था।

राज्य की और से लोक अभियोजक मुंगेर संजय कुमार सिंह ने बताया की सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने सभी आठ दोषियों को आजीवन कारवास की सजा सुनाई इसके साथ जुर्माना लगाया , जुर्माना नहीं देने पर बीएनएस अंतर्गत पांच वर्ष की कठोर कारावास। उन्होंने बताया की सभी एक ही परिवार के सदस्य है। लोक अभियोजक ने बताया की त्वरित बिचारण में रखा गया और पुलिस पदाधिकारियों की तत्परता से सभी गवाहों पदस्थापन कराने के उपरांत त्वरित बिचारण कराते हुए मृतक के परिजनों को न्याय दिलाना सम्भव हो पाया इसमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अभियोजन त्वरित बिचारण शाखा का बहुत बड़ा योगदान रहा।

बाइट : संजय कुमार सिंह राज्य की ओर से लोक अभियोजक मुंगेर

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