सड़क या स्विमिंग पूल? NH-80 पर 2-3 फीट पानी, बाढ़ के बीच बच्चों ने लगाया वॉलीबॉल का मैदान!

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रिपोर्ट – निभाष मोदी!

भागलपुर, 7 सितंबर 2026। भागलपुर जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। अकबरनगर-भवनाथपुर के बीच NH-80 मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी करीब 2 से 3 फीट तक बह रहा है। भागलपुर को पटना और आसपास के इलाकों से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की ताजा तस्वीरें देखकर ऐसा लगता है मानो सड़क ने स्विमिंग पूल का रूप ले लिया हो। ताजा रिपोर्टों में भी भवनाथपुर के पास NH-80 पर बाढ़ का पानी बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।सड़क पर पानी का बहाव तेज होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन पानी के बीच पहुंचने के बाद बंद हो जा रहे हैं। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बनने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। पानी के अंदर सड़क की वास्तविक स्थिति और गड्ढों का पता नहीं चलने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक बना हुआ है।स्थानीय लोगों की मजबूरी यह है कि बाढ़ के बावजूद उन्हें इसी रास्ते से होकर अपने जरूरी काम के लिए आना-जाना पड़ रहा है। नौकरी, इलाज, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को जलमग्न सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है।
सड़क पर गाड़ियां नहीं, पानी में खेल रहा वॉलीबॉल!

बाढ़ के बीच NH-80 से सामने आया एक अलग ही नजारा लोगों का ध्यान खींच रहा है। जिस सड़क पर सामान्य दिनों में गाड़ियों की आवाजाही रहती है, आज उसी सड़क पर बाढ़ का पानी जमा है और बच्चे पानी के बीच वॉलीबॉल खेलते नजर आ रहे हैं।पानी से लबालब सड़क बच्चों के लिए मानो खेल का मैदान बन गई है। बच्चे पानी के बीच वॉलीबॉल खेलते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य देखने में भले ही अलग और आकर्षक नजर आ रहा हो, लेकिन इसके पीछे बाढ़ की गंभीर तस्वीर छिपी है। जिस सड़क पर वाहनों का आवागमन होना चाहिए, वहां कई फीट पानी जमा होना इलाके में बाढ़ की स्थिति को साफ तौर पर दिखाता है।आवागमन पर मंडरा रहा खतरा
NH-80 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पानी का इस तरह जमा होना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार अकबरनगर और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और भवनाथपुर के पास मुख्य मार्ग भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलमग्न सड़क पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए। पानी की गहराई वाले हिस्सों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ-साथ लोगों को सावधान करने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।
लोगों का कहना है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ता है तो इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को समय रहते आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।

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