रिपोर्ट – मिथुन कुमार!
:नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विभिन्न मंदिरों और मठों में श्रद्धालुओं की खासा भीड़ देखी गई।देर रात शहर के विभिन्न ठाकुरबाड़ी में ठाकुर की आराधना में लोगों लीन नजर आए।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि 12 बजे हुआ था। इसी को लेकर बिहारशरीफ के विभिन्न मंदिरों और मठों में पूरे दिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।रात्रि 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद विशेष पूजा-अर्चना और आरती किया गया। 12 बजते ही ठाकुरबाड़ी में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया।शहर के गढ़पर स्थित ठाकुरबाड़ी जो कि तीन सौ साल पुराना है।यहां भी लोग कृष्ण के बालस्वरूप को झूले में झुलाया।इस ठाकुरबाड़ी की मान्यता है कि जो सच्चे दिल यहां मन्नत मांगते है जबकि मन्नत पूरी होती है।सावन माह में इस ठाकुरबाड़ी में झूलन महोत्सव भी मनाया जाता है।इस मंदिर की प्राचीन पौराणिकता है कि यहां माता अनुपमा बाई द्वारा इस मंदिर की स्थापना किया गया था।माता अनुपमा बाई के भक्ति से खुशकर भगवान श्रीकृष्ण खुद प्रकट होकर प्रसाद ग्रहण करते थे।तब से यह परम्परा चली आ रही है।
मिथुन कुमार, संवाददाता नालंदा



