रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
धनौजा में जनता के बीच पहुंचे डीएम और एसएसपी, सुनीं लोगों की समस्याएं
कुर्सी से उतरकर जनता के बीच बैठे डीएम, सुनीं समस्याएं और दिया समाधान का भरोसा
मधुबनी, आमजनों की समस्याओं को उनके बीच पहुंचकर सुनने और उनके त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन की पहल लगातार जारी है। इसी क्रम में फुलपरास प्रखंड की धनौजा पंचायत सरकार भवन में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार शामिल हुए।
शिविर में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आमजनों के बीच बैठकर सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन को लेकर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धनौजा में 31 अगस्त 2026 तक कुल 5 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें सभी 5 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका था। वहीं, 01 सितंबर 2026 को आयोजित शिविर में कुल 45 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 30 आवेदनों का ऑन-स्पॉट निष्पादन किया गया। इसी प्रकार, कालापट्टी शिविर में 31 अगस्त तक प्राप्त 12 आवेदनों में से 10 का निष्पादन किया जा चुका था, जबकि 01 सितंबर को कुल 70 आवेदन प्राप्त हुए और 41 आवेदनों का ऑन-स्पॉट निष्पादन किया गया।
इस प्रकार दोनों सहयोग शिविरों में 01 सितंबर को कुल 115 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 71 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया। शेष आवेदनों के भी नियमानुसार त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासनिक व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब आम लोगों को अपनी बात रखने के लिए सहज और सुलभ मंच उपलब्ध हो। सहयोग शिविर के माध्यम से प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आमजनों के बीच बैठकर संवाद करने से उनकी वास्तविक समस्याओं और स्थानीय जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया केवल कार्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत के अनुसार प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचे।
वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भी शिविर में उपस्थित लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सहयोग शिविर के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने स्तर पर ही विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई कराने का अवसर मिला। जिला प्रशासन की इस पहल से ‘प्रशासन जनता के बीच’ की अवधारणा को मजबूती मिल रही है तथा आमजन और प्रशासन के बीच संवाद एवं विश्वास का संबंध और बेहतर हो रहा है।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, फुलपरास, सिविल सर्जन, हरेंद्र कुमार, आपूर्ति पदाधिकारी कुमार दीपक, पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहें।




