रिपोर्ट – अमित कुमार!
दिलीप जायसवाल दो मुख्य विषयों पर केंद्रित है – पहला भारतीय जनता पार्टी का आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ और दूसरा राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कार्रवाई।
मंत्री डॉ. जायसवाल बताते हैं कि भारतीय जनता पार्टी हर साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाती है। इस साल भी पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ या ‘सेवा पखवाड़ा’ चलाने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सेवा करना है।
इस एक महीने के दौरान बिहार के सभी जिलों, मंडलों और बूथ स्तर तक 13 अलग-अलग प्रकार के सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण, स्वास्थ्य जांच शिविर, स्कूलों में स्टेशनरी वितरण, जल संरक्षण, एक पेड़ मां के नाम अभियान, गरीब बस्तियों में सेवा कार्य, नमो प्रदर्शनी और युवा संपर्क जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा ‘सेवा ही संगठन’ का मंत्र दिया है और यही इस अभियान की आत्मा है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे इस अवधि में बूथ तक जाकर लोगों के बीच सेवा कार्य करें।
बातचीत का दूसरा अहम हिस्सा पालीगंज और राज्य के अन्य अंचलों में CO यानी अंचल अधिकारियों की शिकायतों से जुड़ा है। पत्रकारों द्वारा जब पालीगंज के एक CO से जुड़ी गड़बड़ी के बारे में पूछा गया तो मंत्री ने काफी सख्त रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि सरकार की छवि और जनता के काम सबसे ऊपर हैं। चाहे पालीगंज हो, पटना हो या बिहार का कोई भी अंचल, अगर किसी भी अधिकारी, CO, राजस्व कर्मचारी या कर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार, घूसखोरी, दाखिल-खारिज में पैसा मांगने या जानबूझकर फाइल लटकाने की शिकायत मिलेगी तो उस पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जायसवाल ने अपने विभाग के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्व विभाग को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभाग में FIFO यानी First In First Out सिस्टम लागू किया जा रहा है, ताकि जो आवेदन पहले आए उसका निपटारा पहले हो। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अब तक 90 से अधिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और 360 से अधिक अंचल अधिकारियों का तबादला किया गया है ताकि एक ही जगह जमे-जमाए गठजोड़ को तोड़ा जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी और जमाबंदी सुधार जैसे कामों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर सुधार नहीं दिखा तो बड़े पैमाने पर कार्रवाई होगी।
कुल मिलाकर मंत्री दिलीप जायसवालका संदेश साफ है – एक तरफ संगठन के तौर पर सेवा के माध्यम से जनता के बीच जाना और दूसरी तरफ सरकार के तौर पर राजस्व जैसी जनता से सीधी जुड़ी व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना।



