:- रवि शंकर अमित/बबलू राय!
बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के महेंद्रपुर गांव में पिछले 20 दिनों से भीषण कटाव हो रही है। इस भीषण कटाव के कारण गांव के लोग दहशत में जीने को मजबूर है। और रात में जाकर दिन काटने को मजबूर है अब धीरे-धीरे कटाव अब गांव की ओर धीरे धीरे बढ़ रहा है। इससे लोग काफी भयभीत हो गए हैं। और पलायन करने को मजबूर होंगे। आपको बताते चले कि बेगूसराय में एक ओर गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरी ओर गंगा का भीषण कटाव ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के महेंद्रपुर गांव में लगातार हो रहे कटाव से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। अब कटाव गांव की आबादी की ओर बढ़ने लगा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र स्थित महेंद्रपुर गांव में पिछले 20 दिनों से गंगा का भीषण कटाव जारी है। कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि अब तक सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में विलीन हो चुकी है। किसानों की तैयार फसल भी नदी की भेंट चढ़ गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।ग्रामीणों का कहना है कि कटाव लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों के सामने अपने घरों को छोड़कर पलायन करने की नौबत आ सकती है। हालात इतने गंभीर हैं कि कई परिवार रातभर जागकर स्थिति पर नजर रखने को मजबूर हैं। हर पल इस बात का डर बना हुआ है कि कहीं कटाव उनके घरों तक न पहुंच जाए।कटाव स्थल की तस्वीरें हालात की गंभीरता को साफ बयां कर रही हैं। गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को अपने आगोश में ले रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि गांव को सुरक्षित बचाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। हालांकि इस खबर को चैनल के द्वारा लगातार चल रही है। लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है। आपको बताते चले कि पिछले दिन भी इसी महेंद्रपुर गांव का कट ऑफ हो रही थी उसे खबर को जी मीडिया ने बड़ी प्रमुखता से दिखाई थी। लेकिन जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि को नींद नहीं खुली है। अगर ऐसी हालत कटाव के रही तो धीरे-धीरे गांव काटकर गंगा में समा जाएंगे।महेंद्रपुर गांव में गंगा का कटाव अब ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कृषि भूमि के साथ-साथ गांव की आबादी भी इसकी चपेट में आ सकती है। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।




