रिपोर्ट – अमित कुमार!
पूर्व विधायक भागलपुर गोपाल मंडल ने आज पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के विधान परिषद में मनोनयन और बिहार की मौजूदा सियासी स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि राज्यपाल द्वारा दीपक प्रकाश को MLC मनोनीत किए जाने को आप किस तरह देखते हैं और सरकार के अंदर क्या चल रहा है तो गोपाल मंडल का लहजा एकदम तल्ख हो गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार के खिलाफ और सम्राट के बारे में बुलवाइएगा तो मरवाइए मरवा देगा।
गोपाल मंडल का यह बयान आते ही सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई। भागलपुर से लंबे समय तक विधायक रहे और जदयू के पुराने नेता माने जाने वाले गोपाल मंडल अक्सर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के सरकार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की ओर इशारा किया। उनके इस बयान को कई लोग सरकार के भीतर मौजूद असंतोष और नेताओं के बीच बढ़ती दूरियों से जोड़कर देख रहे हैं। गोपाल मंडल ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने सम्राट शब्द का इस्तेमाल किया उससे यह स्पष्ट था कि उनका निशाना बिहार सरकार के नंबर दो नेता की ओर था।
उन्होंने आगे कहा कि आज बिहार में जो भी बोलता है उसे दबाने की कोशिश होती है। सच बोलना गुनाह बन गया है। अगर कोई सरकार की कमियों को गिनाएगा या बड़े नेताओं के कामकाज पर सवाल उठाएगा तो उसे धमकी दी जाती है। यही हाल अब राजनीति में हो गया है। गोपाल मंडल ने कहा कि मैं 40 साल से राजनीति कर रहा हूं, मैंने बहुत उतार चढ़ाव देखे हैं। पहले नेता जनता की बात करते थे अब नेता अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं।
जब उनसे दोबारा पूछा गया कि क्या आप सरकार से नाराज हैं तो उन्होंने कहा कि नाराजगी की बात नहीं है, दर्द की बात है। बिहार की जनता परेशान है, गांव में विकास नहीं हो रहा है, पंचायतें कमजोर हैं और ऊपर से बयानबाजी चल रही है। ऐसे में अगर कोई सच बोलेगा तो उसे चुप कराने की कोशिश होगी।
गोपाल मंडल के इस बयान के बाद विपक्ष ने इसे सरकार की अंदरूनी कलह का सबूत बताया है। वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे व्यक्तिगत टिप्पणी कहकर मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही है। कुल मिलाकर पूर्व विधायक गोपाल मंडल की यह प्रतिक्रिया बताती है कि बिहार की राजनीति में अभी सब कुछ सामान्य नहीं है और आने वाले दिनों में इस बयान के और भी सियासी मायने निकाले जाएंगे।




