रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
मधुबनी, बिहार के मुख्यमंत्री रहते नितीश कुमार द्वारा बार बार बताया जाता रहा की महिलाओं के कहने पर हम ने पूर्ण शराबबंदी कानून लागू किए, शराबबंदी के बाद महिला खुश है, अब शराब पी कर घरो मे हंगामा नही हो रहा है, शराब के नशे मे महीलाओं की हत्याए तक कर दिया जाता था, जो अब नही हो रहा है, शराबबंदी के बाद महिलाओं मे खुशी है। लेकिन धरातल पर सच्चाई कूछ और ही बयां कर रही है। शराब कारोबार मे महिलाओं की संलिप्तता बार बार सामने आती रही है। हजारो ऐसे महीलाओं को पुलिस द्वारा पकड़ कर जेल भेजा जा चूका है, जो शराबबंदी कानूनों के उलंघन करते हुए शराब कारोबार मे संलिप्त पाई गई। ऐसे ही एक मामला उस समय सामने आया है जब भारत- नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ कार्रवाई मे 48 वीं वाहिनी को महत्वपूर्ण सफलता मिली। ‘ई’ समवाय, बाह्य सीमा चौकी खोना की विशेष पेट्रोलिंग पार्टी ने आज सुबह 10:21 बजे सीमा स्तंभ संख्या 278/15 के पास सात सौ मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में तीन महिला तस्करों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर उस के पास से 91.2 लीटर नेपाल निर्मित शराब बरामद की है। प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर कंपनी कमांडर के निर्देशन में विशेष पेट्रोलिंग पार्टी गठित की गई, जिसमें महिला बलकर्मियों को भी शामिल किया गया। निर्धारित स्थान पर घात लगाकर निगरानी के दौरान तीन महिलाएं सिर पर बोरी उठाकर आती हुई दिखाई दी। उन्हें रोककर तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 304 बोतल नेपाल निर्मित शराब मिली। बरामद शराब में 300 मिली लीटर की 118 बोतल (दिलवाले सोफी) और 300 मिली लीटर की 186 बोतल (ब्रिक्स सोफी) शामिल थीं, जिनका कुल वजन 91.2 लीटर बताया गया है। गिरफ्तार की गई सभी तीनों महिलाएं गांव एवं पोस्ट खोना, थाना बासोपट्टी, जिला मधुबनी (बिहार) की रहने वाली हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया है कि शराब वे नेपाल से खरीदकर भारत में अवैध बिक्री के उद्देश्य से ला रही थीं। मामले के व्यापक पहलुओं और तस्करी नेटवर्क की पहचान के लिए स्थिति की गहन जांच जारी है। एसएसबी ने बरामद सामग्री और गिरफ्तार महिलाओं के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर मामले को बासोपट्टी थाना प्रभारी को सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस सफलता से क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी पर कड़ी नजर और प्रभावी कार्रवाई के संदेश को बल मिला है।



