राज्य अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरुद्ध एस एफ आई जयनगर अनुमंडल इकाई की बैठक आयोजित!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

राज्य अध्यक्ष की गिरफ्तारी से आक्रोशित छात्रो ने शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री का पूतला जलाया, छात्र अधिकारों को लेकर संघर्ष तेज करने का लिया निर्णय

मधुबनी जिले के जयनगर मे भारत का छात्र फेडरेशन (एस.एफ.आई.) जयनगर ईकाई के आवाह्न पर अनुमंडल स्तरीय बैठक सहर मुख्यालय स्थित आर्यकुमार पुस्तकालय सभागार में आहूत की गई। आयोजित बैठक की अध्यक्षता सृजन ने किया।
बैठक में 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक को पूर्व छात्र नेता चंदेश्वर प्रसाद एवं कुमार राणा प्रताप सिंह ने संबंधित करते हुए छात्र- छात्राओं से अपील किया कि एकता में ही बल होता है। एस एफ आई भारत का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। जिसका आप सभी सदस्य है। स्कूल कॉलेजो में हो रहे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार एवं शिक्षा का निजीकरण ,शुल्क बढ़ोतरी ,स्कूल कॉलेजो में मूल सुविधा को लेकर आपका संघर्ष होना चाहिए। आगे बक्ताओं ने कहा वर्तमान समय मे बिहार के नालन्दा जिले के नगरनौसा में एस एफ आई के राज्य अध्यक्ष क्रांति कुमारी के उपर पुलिसिया दमन एवं उनकी गिरफ्तारी इसलिए हुआ कि वह प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज को लेकर लगातार मांग कर रही थी।
भारत सरकार एवं बिहार सरकार मिलकर बिहार में सरकारी स्कूल एवं कॉलेज बन्द करने की योजना बना रही है और निजीकरण की ओर बढ़ने का कार्य किया जा रहा है। जिससे मध्यम एवं गरीब तबके के छात्र छात्राए के सामने शिक्षा से वंचित होने की खतरा है, आप सभी को शिक्षा बचाने की लड़ाई तेज करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को केशव कुमार, राहुल कुमार यादव, पप्पू प्रभाकर एवं अनीश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि एस.एफ.आई. छात्रों के अधिकारों, समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रही है। हम सभी के प्रयास से आने वाले दिनों में संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा अधिक से अधिक छात्रों को संगठन से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठाई गई कि जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, खेल-कूद,पुस्तकालय एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की समुचित व्यवस्था की जाए, सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले फंड का उपयोग विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे के विकास में किया जाए, शिक्षा को व्यवसायीकरण एवं निजीकरण करने पर रोक लगाई जाय तथा छात्रों से होने वाली अवैध एवं अनावश्यक पैसों की वसूली पर रोक लगाई जाए। सरकार इन सभी बातो पर अमल नही करती है तो आने बाले दिनों में अपने मांगों को लेकर एस.एफ.आई. द्वारा जिले में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में यह घोषणा की गई कि एस. एफ. आई. जयनगर अनुमंडल इकाई की यूनिट कमिटी की घोषणा शीघ्र की जाएगी। बैठक के उपरांत महावीर चौक से शहीद चौक तक छात्र-छात्राओं ने एक प्रतिरोध मार्च निकाला जो शहीद चौक पर पहुच कर सभा में तब्दील हो गया। उक्त स्थल पर भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर छात्रों ने अपने नेता की गिरफ्तारी का विरोध के साथ ही अपने मांगो के समर्थन मे सरकार के निती एवं नियत को लेकर विरोध दर्ज किया। इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार की विफलताओं के कारण लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं तथा शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण और व्यवसायीकरण कर उसे आम छात्रों की पहुंच से दूर किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को बाजार की वस्तु बनाने की नीतियों का एस.एफ.आई. पुरज़ोर विरोध करती है। प्रतिरोध मार्च के दौरान वक्ताओं ने डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रदेश अध्यक्ष क्रांति कुमारी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। गिरफ्तारी को लेकर छात्रो ने कहा कि कांति कुमारी सहित 39 अन्य साथियों को शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। एस.एफ.आई. ने बिहार सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि आंदोलनरत छात्रों की आवाज़ को पुलिसदमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। संगठन द्वारा सरकार से मांग किया गया है कि कांति कुमारी एवं सभी गिरफ्तार छात्र नेताओं को अविलंब रिहा किया जाए तथा उनकी लोकतांत्रिक मांगों को स्वीकार करते हुए डिग्री कालेज का निर्माण कराया जाए। बैठक एवं प्रतिरोध मार्च का समापन छात्र एकता, शिक्षा बचाओ और लोकतंत्र बचाओ के नारों के साथ सम्पन्न हुआ।

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