रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
बिहार की राजनीति की बड़ी खबर,
हर्ष फायरिंग में दोषी ठहरे BJP विधायक राजू कुमार सिंहः 4 साल की सजा, अब जाएगी साहेबगंज की सीट? क्या कहती है RP ACT की धारा …
संतोष तिवारी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 31 दिसंबर 2018 को वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में दोषी ठहराया है। इस घटना में डॉक्टर अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी, जिसने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया।
डॉक्टर अर्चना गुप्ता की हत्या ने एक गंभीर प्रश्न खड़ा किया कि क्या जश्न मनाने के दौरान हर्ष फायरिंग को सामान्य माना जाना चाहिए। इस घटना के बाद, अर्चना के पति ने विधायक राजू कुमार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की फायरिंग के कारण उनकी पत्नी की जान गई। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का दोषी पाया।
अदालत ने फैसला सुनाते हुए विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अदालत ने मृतका के पति को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया। यह फैसला न केवल एक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश भी है कि हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना ने भारतीय राजनीति और समाज में एक नई बहस को जन्म दिया है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस तरह के अपराधों के लिए राजनीतिक नेताओं को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। राजू कुमार सिंह की विधायकी पर भी अब सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो सकती है। यह स्थिति अन्य नेताओं के लिए भी एक चेतावनी है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन करना चाहिए।
यह मामला हर्ष फायरिंग की बढ़ती घटनाओं और उनके गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करता है। पिछले कुछ वर्षों में, हर्ष फायरिंग की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनों और जागरूकता की आवश्यकता है।
सार्वजनिक समारोहों में गोली चलाने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। यह जरूरी है कि हम सभी इस बात को समझें कि जश्न मनाने के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
इस मामले का निर्णय एक सकारात्मक कदम है, जो यह दर्शाता है कि न्यायपालिका ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अब यह देखना होगा कि क्या यह निर्णय समाज में हर्ष फायरिंग के प्रति जागरूकता लाने में सहायक होगा और क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
राजनीतिक एंगल से देखिये अब दोषी ठहरने के बाद विधायक की सदस्यता जा सकती है। RP Act की धारा 8 के तहत 2 साल से ज्यादा सजा = सदस्यता रद्द। BJP और बिहार की राजनीति पर असर पड़ेगा।
धारा 8(3) – Catch-all
कोई भी अपराध जिसमें 2 साल या ज्यादा की जेल हुई = तुरंत अयोग्यता।
राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा हुई है, इसलिए ये धारा 8(3) उन पर लागू होगी।
राजू कुमार सिंह के केस में क्या होगा? तुरंत प्रभाव से देखा जाए तो राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। तो दोषी ठहराए जाने की तारीख से ही उनकी विधायकी जा सकती है।
अब रास्ता क्या है अगर हाईकोर्ट उनकी “सजा और दोष” दोनों पर स्टे देती है, तभी सदस्यता बचेगी। सिर्फ सजा पर स्टे से काम नहीं चलेगा।
6 साल का बैन भी जेल से छूटने के बाद भी 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।




