आरा/आशुतोष पाण्डेय
एंकर/भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में नाम सामने आने के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को लेकर पुराने आरोप भी फिर से चर्चा में आ गए हैं।
तरारी थाना क्षेत्र के बड़कागांव निवासी राहुल कुमार सिंह ने राजेश मालाकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब मालाकार तरारी के थानाध्यक्ष थे, तब वे अनुमंडल के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर “सिंडिकेट” चलाने का काम करते थे। राहुल का दावा है कि वह दिल्ली में रहते हैं और गांव में उनकी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद में तत्कालीन SHO राजेश मालाकार पैसा लेकर उन्हें झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रहे थे।
राहुल कुमार सिंह के आरोपों ने भोजपुर की सियासत और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ भरत तिवारी कथित मुठभेड़ कांड की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ अब राजेश मालाकार पर लगे ये आरोप मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक इस बयान की चर्चा तेज हो गई है।
अब बड़ा सवाल यही है— क्या भरत तिवारी कांड के साथ-साथ राजेश मालाकार पर लगे इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होगी?



