रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जनता दरबार और शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की पहली प्राथमिकता न्याय के साथ विकास है। सरकार की कोशिश है कि लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाए और टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिकायतों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
वहीं भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। संबंधित डीएसपी समेत अन्य अधिकारियों को हटाया और निलंबित किया गया है, एफआईआर दर्ज हुई है तथा न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक धैर्य रखने और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करने की अपील की।
आरजेडी नेता आलोक मेहता के बयान पर पलटवार करते हुए मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों की अपनी जिम्मेदारी है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी को गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है और शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
बाइट: मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार।



