रिपोर्ट- अमित कुमार!
पटना
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा है कि ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है , हमारी सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख़्शेगी….
पुलिस ने अगर अपराध किया है तो उसको बक्सा नहीं जाएगा ,
पुलिसकर्मी दोषी है तभी निलंबित किया गया
न्यायिक जाँच का निष्कर्ष जल्द सामने आएगा
….
मैंने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात भी किया , मैंने परिवार से बात किया । भरत तिवारी अपराधी नहीं था , वो एक सामाजिक कार्यकर्ता था समाज से …..इस घटना की जाँच के लिए सरकार ने घोषणा कि है ,
इस घटना को दबाया नहीं जाएगा …..
पुलिस दबोच कर भरत तिवारी को गिरफ़्तार कर सकती थी , ये एनकाउंटर पूरी तरह से फेक है । जिस पुलिसकर्मी ने ऐसा किया है उसका हथियार लेकर जेल में डालना चाहिए ।
अभी तक विपक्ष के नेता पीड़ित परिजन से नहीं मिले , कहा गायब है विपक्ष के नेता , इसलिए नहीं गए क्युकी ब्राह्मण था वो …. वो ग़रीब ब्राह्मण था इसलिए कोई बड़ा नेता वहाँ नहीं जा रहा है , अपराध और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मैं हमेशा लड़ता रहूँगा
सत्ता पक्ष के नेताओ को भी जाना चाहिए भरत तिवारी के घर । जीतन राम मांझी के बयान पर कहा की उनका बयान सही नहीं है , मांझी जी दिल्ली में थे उनको पता नहीं होगा
भरत तिवारी दोषी नहीं है , अपराधी नहीं है । जिस मुद्दे को लेकर भरत तिवारी ने लड़ाई लड़ा है उसका भी जाँच होना चाहिए , वहाँ गंदा पानी लोग पीता था उसका लड़ाई वो लड़ रहा था …..
जिस मुद्दे पर वो लड़ाई लड़ रहा था उसको मैं लड़ूँगा , उसका खून व्यर्थ नहीं जाएगा । सरकार से माँग करता हूँ बारिश का समय है वहाँ टेंट दीजिए पहले।
बाइट:
अश्वनी चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री



