बिहार में एनकाउंटर राज,भरत तिवारी के हत्यारों पर मुकदमा दर्ज हो- सांसद सुदामा प्रसाद!

SHARE:

रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय!

भरत भूषण तिवारी के हत्यारों पर आपराधिक मुकदमा हो दर्ज!

भरत भूषण तिवारी के आश्रितों को 50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी दे सरकार!
घटना का हो उच्च स्तरीय जांच!

आज सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में भाकपा-माले नेताओं की टीम पहुंची भरत भूषण तिवारी के घर, परिजनों से मिल घटना का किया कड़े शब्दों में निंदा!

आरा, 19 जून 2026

आज सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में भाकपा-माले नेताओं की टीम शाहपुर प्रखंड के बिलौटी भरत भूषण तिवारी के घर पहुंची। टीम ने परिजनों से मिल घटना का कड़े शब्दों में निंदा किया। टीम में सांसद सुदामा प्रसाद, केंद्रीय कमिटी सदस्य व जिला सचिव अभ्युद, शाहपुर के प्रखण्ड सचिव हरेंद्र सिंह, छात्र संगठन आइसा के जिला सचिव जयशंकर कुमार, युवा संगठन आरवाईए के जिला सचिव निरंजन कुमार केसरी, जिला स्थायी समिति सदस्य व सांसद निजी सहायक चन्दन कुमार, उत्तम कुमार, बैजू कुशवाहा, आंनद शर्मा सहित कई माले नेता कार्यकर्ता शामिल थे।

टीम उनके परिजन मिला और पूरी घटना की जानकारी लिया । टीम ने पाया कि यह घटना ठंढे दिमाग की गई आपराधिक घटना। उनके पिट जी ने बताया कि मैं जब सुबह तबना पहुंचा की मेरे बेटे के साथ पुलिस कोई गलती नही कर व विछिप्त है उसे पकड़ कर अस्पताल भेजे। लेकिन पुलिस वालों ने मुझे बंधक बना दिया मुझे घर आने नही दिया। 12 बजे मेरी बहु से मिलने नही दिया और मुझे जनकारी ढ़ी गई कि पैर में एक छरा लगा हुआ।
घटना स्थल से जविनिया के लोगो को पहले ही भगा दिया गया । इस क्रम में एक विकलांग व्यक्ति को बुरी तरह पीटा गया।
टीम ने पाया कि भरत भूषण तिवारी को बचाया जा सकता था लेकिन पुलिस ने सरकार के युवा विरोधी विचार के कारण इनकाउंटर कर दिया गया है।

टीम ने मांग किया किभरत भूषण तिवारी के हत्यारों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर न्याय दिया जाए। भरत भूषण तिवारी के आश्रितों को 50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी दिया जाए।
इस मौके पर सासंद सुदामा प्रसाद में कहा कि बिहार में एनकाउंटर राज चल रहा है। पिछले दिनों कई एनकाउंटर हुआ। भरत भूषण तिवारी ने जो मुद्दा उठाया व बिल्कुल जायज है । भले तरीका गलत था। वह ज्वाइनिया के लोगों का मुद्दों उनको बसाने की मुद्दा उठा रहे थे। जो हम लोगों ने पिछली वर्ष में ही लोकसभा उठाया था। हमारा मांग है कि ज्वाइनिया गांव को स्पेशल पैकेज दिया जाए। उनको जहाँ बसाया जा रहा है उनको समुचित व्यवस्था दिया जाए।
बिलौटी से लौटने के बाद पार्टी जिला कार्यालय श्रीटोला आरा में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि भरत तिवारी जवानिया के कटाव पीड़ितों के सवाल समेत अपने क्षेत्र के विभिन्न जनहित मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे और संबंधित अधिकारियों को कई बार मांग-पत्र भी सौंप चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार और प्रशासन ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी उपेक्षा की जिससे वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया होता और उनके उपचार की व्यवस्था की होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
सुदामा प्रसाद ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई और बाद में इलाजरत स्थिति में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने इस पूरी घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था करने के बजाय उसे मौत के घाट क्यों उतारा गया.
उन्होंने कहा कि बिहार में बुलडोजर और एनकाउंटर राज चलाया जा रहा है. कुछ पुलिसकर्मियों के निलंबन से मामले की गंभीरता कम नहीं हो जाती। मुख्यमंत्री को इस घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना चाहिए।
सांसद सुदामा प्रसाद ने मांग की कि भरत तिवारी प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को बताया!

Join us on: