रिपोर्ट – मिथुन कुमार!
नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। शंभू शरण मंदिर के पास मजदूरों से भरी एक बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में बस पर सवार पति-पत्नी समेत दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि बीस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का इलाज बिहारशरीफ स्थित विम्स अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि पश्चिम चंपारण (बेतिया) के घोषरावा गांव के रहने वाले मजदूर ईंट-भट्ठे पर काम खत्म कर बस से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पावापुरी थाना क्षेत्र के शंभू शरण मंदिर के पास बस अचानक 11 हजार वोल्ट की बिजली तार की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की छत पर साइकिल रखी हुई थी, जो नीचे लटके बिजली तार से सट गई। इसके बाद पूरी बस में करंट दौड़ गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं संतोष, सुमित, पवन, सरोज देवी, कारू मांझी,रिंकू देवी धर्मेंद्र मांझी समेत कुल नौ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए विम्स अस्पताल भेजा गया।घटना की जानकारी मिलते ही राजगीर के एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता, एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता तथा पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।एसडीपीओ ने बताया कि अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि नौ लोग घायल हैं। प्रारंभिक जांच में बिजली तार के काफी नीचे होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। एक ही परिवार के पति-पत्नी की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि घायल मजदूर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच में जुटा है।




