रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
आरा। असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना के विमान की लैंडिंग के दौरान शनिवार सुबह हुए हादसे में शहीद हुए भोजपुर के जवान का पार्थिव शरीर रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव कायमनगर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को अंतिम बार देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दोपहर करीब ढाई बजे जैसे ही भारतीय वायुसेना का वाहन बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से शहीद का पार्थिव शरीर लेकर कोईलवर सिक्सलेन पुल पहुंचा, वहां पहले से मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पार्थिव शरीर की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े रहे। इस दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “शहीद दानिश अमर रहें” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
हाथों में तिरंगा लिए हजारों युवाओं ने शव वाहन के साथ कोईलवर से कायमनगर तक यात्रा की। गांव पहुंचने पर शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताया जाता है कि असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर विमान की लैंडिंग के दौरान हुए हादसे में भोजपुर के जवान सहित चार जांबाजों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद के घर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया, वहीं लोगों ने उनके साहस और देशभक्ति को नमन करते हुए उन्हें सच्चा राष्ट्रनायक बताया।
शहीद के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रशासन एवं सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। शहीद के बलिदान को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उनका यह सर्वोच्च त्याग हमेशा आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।



