रिपोर्ट- अमित कुमार!
तेजस्वी यादव अपने अंदाज में बिहार की मौजूदा स्थिति का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चे को पता है कि देश और राज्य की हालत क्या है। उनके अनुसार अपराध लगातार बढ़ रहा है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भ्रष्टाचार भी अपने चरम पर पहुंच चुका है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आपदा के समय काम आने वाला इमरजेंसी फंड यानी सरकारी कोर्स का पैसा भी सुरक्षित नहीं है और उसमें से भी निकासी हो रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की हालत बद से बदतर हो गई है। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और गरीब मरीज दर भटक रहा है।
तेजस्वी ने मौजूदा सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वह लोगों को ठगने का काम कर रही है। नौजवान जब अपने रोजगार और अधिकार की बात करने सड़क पर आते हैं तो उन्हें लाठी से पीटा जाता है। उनकी आवाज दबा दी जाती है। महिलाओं से किए गए वादों का भी उन्होंने जिक्र किया और पूछा कि महिलाओं को दो लाख रुपये कब मिलेंगे। उनके मुताबिक ये सब सिर्फ जुमले हैं जो चुनाव के समय जनता को बहकाने के लिए बोले जाते हैं।
तेजस्वी ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी आएंगे और दो चार लोगों से काउंटर करवा देंगे। असली मुद्दों पर बात नहीं होगी। उनका इशारा था कि एनडीए सरकार आंकड़े और प्रचार के सहारे सच्चाई छिपाने की कोशिश करती है। कुल मिलाकर तेजस्वी ने बेरोजगारी, महंगाई, पलायन और जंगलराज के आरोपों को फिर हवा दी और सरकार को घेरने की कोशिश की।




