रिपोर्ट – डाॅ अनमोल कुमार
साधु – सन्तों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग
अमरकंटक । अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सनातनी अखाड़ा के संस्थापक संयोजक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने महंत देवानंद की निर्मम हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए देश के महामहिम राष्ट्रपति, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी एवं देश के तेजतर्रार गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि राजस्थान कोटा में हजारों साल पुराने चंद्रसेन मठ के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या करने वाले हत्यारों को फांसी में लटकाया जाए या इनकाउंटर में शूट किया जाए। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि महाराष्ट्र में दो सन्तों की निर्मम हत्या के पश्चात ही अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के पदाधिकारियों के द्वारा साधु – सन्तों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए जाने की माँग की जा रही है । यदि सरकार साधु – संतों की मांगों को गम्भीरता से लेकर सन्तों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बना देती तो आज एक सन्त की निर्मम हत्या नही होती। स्वामी जी ने कहा कि सनातनियों के देश में ही यदि साधु – सन्त सुरक्षित नही है तो आम जनता की सुरक्षा की हम क्या बात करेगें। जिस प्रदेश में महाराज देवानंद की निर्मम हत्या हुई है वहां भी डबल ईंजन की सरकार है। और हमारी सरकार के रहते ही सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले साधु – सन्त ही सुरक्षित नही है । ये बेहद दुख की बात है। इसके पहले भी पांच – छे महीने पहले राजस्थान के खैरथल जिले के मुंडावर के चांदपुर के बाबा प्रह्लाद दास आश्रम के महंत एवं अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महाराज को रात को बारह बजे मन्दिर के अंदर जलनशील पदार्थ डालकर जला दिया गया था। जिससे उनका पैर बुरी तरह जल गया था। किन्तु वहां का पुलिस विभाग महंत को ही आश्रम छोड़ने की बात कह रहा था। जब इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैने तत्काल राजस्थान के मुख्यमंत्री को दूरभाष पर बात करके सारी घटना की जानकारी दी फिर जाकर स्थानीय पुलिस वालों ने अपराधी पर कार्यवाही कर जेल पहुंचाया था। स्वामी जी ने बताया कि आज भी स्वामी बालकानंद गिरि महाराज के पांव में घाव के निशान मजौद है। अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने साधु – सन्तों पर हो रहे अत्याचार पर रोष व्यक्त कर कहा कि साधु संतों का स्वभाव हमेशा सन्त रहने का होता हैं । कई परेशानियों को भी सहकर सन्त हमेशा मुस्कुराते रहते हैं। लेकिन अब साधु – सन्त शांत रहने वाले नही हैं। यदि सरकार कोटा के महंत देवानंद महाराज के हत्यारों का इनकाउंटर नही करती है और साधु – सन्तों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून नही बनाती है तो साधु – सन्तों को दिल्ली की सड़कों पर आकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। क्योंकि अब साधु बदलने लगा है और जब साधु बदलता है तो इतिहास बदल देता है। अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के बिहार प्रदेश प्रधान संगठन महामंत्री, डॉ अनमोल कुमार ने भारत सरकार के गृह मंत्री से त्वरित कार्यवाही की मांग की है।




