उदवंतनगर के पियानिया पंचायत में लगा। जनसुविधाओं का महाकुंभ, प्रभारी सचिव ने किया निरीक्षण।

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय

लाभुकों के बीच बांटे गए आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, वास पर्चा व अन्य योजनाओं के स्वीकृति पत्र।

सहयोग शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, अधिकारियों को मिला समयबद्ध निष्पादन का सख्त निर्देश

भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड अंतर्गत पियानिया पंचायत मंगलवार को सरकारी योजनाओं और जनसेवाओं के एक बड़े केंद्र के रूप में तब्दील हो गई, जब यहां आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण करने राज्य सरकार के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग-सह-भोजपुर के प्रभारी सचिव संतोष कुमार मल्ल पहुंचे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में सुबह से ही विशेष तैयारी देखने को मिली। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई थी।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने एक-एक काउंटर का अवलोकन किया और वहां मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सरकारी योजनाओं के लाभ मिलने की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आमजन और प्रशासन के बीच बना संवाद का सेतु

सहयोग शिविर में पहुंचे प्रभारी सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है, जिसके कारण कई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित रह जाते हैं। सहयोग शिविर इस दूरी को कम करने का माध्यम है। यहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, आवेदन दे सकते हैं और योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारियों को दिया जवाबदेही का संदेश

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन और शिकायत का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल आवेदन प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका समाधान भी उतनी ही गंभीरता से होना चाहिए। यदि किसी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो संबंधित अधिकारी उसकी जिम्मेदारी तय करेंगे। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

लाभुकों के बीच योजनाओं का वितरण

सहयोग शिविर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब प्रभारी सचिव द्वारा विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभुकों के बीच लाभ संबंधी दस्तावेजों का वितरण किया गया। इस दौरान कई परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा प्राप्त होगी। इसके अलावा पात्र परिवारों को राशन कार्ड, वास पर्चा, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र तथा अन्य सरकारी लाभों से जुड़े दस्तावेज भी प्रदान किए गए।
दस्तावेज प्राप्त करने वाले लाभुकों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उन्हें पंचायत स्तर पर इतनी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हुई हैं। लोगों ने सरकार और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।

हर विभाग की सेवाएं एक ही छत के नीचे

सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। इनमें राजस्व विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, विद्युत विभाग तथा पेयजल विभाग प्रमुख रूप से शामिल थे। इन काउंटरों पर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी। साथ ही आवेदन प्राप्त किए जा रहे थे और कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

स्वास्थ्य एवं आयुष्मान योजना को लेकर दिखा उत्साह

स्वास्थ्य विभाग के काउंटर पर लोगों की विशेष भीड़ देखने को मिली। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाने और वितरण का कार्य किया जा रहा था। कई ग्रामीणों ने मौके पर ही आवेदन देकर अपना पंजीकरण कराया। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बताया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का उपचार नि:शुल्क कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने इस योजना को गरीब परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों का हुआ निपटारा

राजस्व विभाग के काउंटर पर भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा वास पर्चा से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। कई लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
भूमिहीन परिवारों को वास पर्चा प्रदान किए जाने से उनमें विशेष उत्साह देखा गया। लाभुकों ने कहा कि इससे उन्हें स्थायी आवास के लिए कानूनी आधार प्राप्त होगा।

जिला पदाधिकारी ने भी किया निरीक्षण

शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया ने भी विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागवार प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को लाभ से वंचित न रहने दिया जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी

शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। पुलिस अधीक्षक भोजपुर, अनुमंडल पदाधिकारी आरा सदर, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कर्मी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होता दिखाई दिया।

ग्रामीणों ने जताया संतोष

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें प्रखंड और जिला मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही विभिन्न विभागों के अधिकारी उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

कई लाभुकों ने कहा कि उन्हें पहली बार किसी शिविर में सीधे लाभ संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इससे सरकारी योजनाओं के प्रति उनका विश्वास बढ़ा है।

सुशासन और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

पियानिया पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और आमजन के बीच विश्वास का पुल साबित हुआ। इस शिविर ने यह संदेश दिया कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

प्रभारी सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल एवं जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया द्वारा दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर गंभीर है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी और लाभुकों के चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि इस शिविर की सफलता की गवाही दे रही थी।

पियानिया पंचायत में आयोजित यह सहयोग शिविर आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों के लिए भी एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जहां सरकार की योजनाएं सीधे जनता तक पहुंच रही हैं और उनकी समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही सुनिश्चित किया जा रहा है।

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