बेगूसराय- मासूम का अपहरण कर पीट पीट कर हत्या, शव सुनसान में फेंका!

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:- रवि शंकर अमित/बबलू राय!

बेगूसराय में अपराधियों का तांडव लगातार जारी है। बेखौफ बदमाशों ने इस बार एक इंटर के छात्र का पहले अपहरण किया और फिर पीट-पीटकर उसकी निर्मम हत्या कर शव को दियारा इलाके में फेंक दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं अपहरण के वक्त का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है! मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कंकौल गांव का है, जहां राम उदय यादव के पुत्र विकास कुमार की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। परिजनों के मुताबिक विकास बुधवार की दोपहर छात्रवृत्ति योजना का फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। जब परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि गांव का ही मोहित यादव उर्फ कारेलाल उसे बाइक पर बैठाकर ले गया था। परिजनों ने गांव के ही विकास यादव और मोहित यादव पर अपहरण और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर विकास कुमार की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी और शव को खगड़िया जिले के बलदौर दियारा इलाके में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मुफस्सिल थाना पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर-वन डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपहरण के समय का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विकास कुमार को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए देखा जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में दहशत और गुस्सा दोनों बढ़ गया है। परिजनों ने बताया कि कुछ महीने पहले आरोपी विकास यादव ने मृतक के छोटे भाई के नाम से फेक फेसबुक आईडी बनाकर अश्लील फोटो वायरल किया था। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी बदला लेने की फिराक में था और इसी रंजिश में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। “मेरा बेटा छात्रवृत्ति का फॉर्म भरने गया था। गांव के ही मोहित उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। बाद में पता चला कि मेरे बेटे की हत्या कर शव दियारा में फेंक दिया गया। आरोपी पहले से रंजिश रखता था।”फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। लेकिन सवाल बड़ा है कि आखिर बेगूसराय में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? कब तक छात्र और आम लोग अपराधियों का शिकार बनते रहेंगे? और आखिर पुलिस ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने में कब तक सफल हो पाएगी?
बाइट- परिजन
बाइट- परिजन

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