रिपोर्ट – चंद्रशेखर कुमार
अंडा नहीं मिलने पर छात्रों का हंगामा, मध्याह्न भोजन खाने से किया इंकार
एनजीओ पर घटिया भोजन देने का आरोप, छात्रों ने विद्यालय में ही खाना बनवाने की उठाई मांग
अमरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित आदर्श मध्य विद्यालय (बालक) में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन में अंडा नहीं मिलने पर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा किया और मध्याह्न भोजन खाने से साफ इंकार कर दिया। विद्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बाल संसद एवं मीना मंच के छात्र-छात्राओं अंश कुमार, सोनाक्षी कुमारी, छोटी कुमारी, हर्ष कुमार, रागनी कुमारी, मनीषा कुमारी, रेखा कुमारी, अराध्या कुमारी, सुनैना कुमारी, निशू कुमारी एवं गुंजा कुमारी सहित अन्य छात्रों ने बताया कि पहले विद्यालय में ही रसोइया द्वारा भोजन तैयार किया जाता था, जिससे मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलता था। लेकिन जब से मध्याह्न भोजन संचालन की जिम्मेदारी सुंदर अमरशील स्वयंसेवी संस्था को दी गई है, तब से भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब हो गई है।छात्रों ने आरोप लगाया कि भोजन में कभी कीड़े निकलते हैं तो कभी खाना इतना खराब होता है कि उसे खाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले सात सप्ताह से प्रत्येक शुक्रवार को मिलने वाला अंडा बंद कर दिया गया है और उसकी जगह एक-एक घटिया किस्म का केला दिया जा रहा है, जबकि अन्य विद्यालयों में नियमित रूप से अंडा वितरित किया जा रहा है।विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि भोजन की मात्रा भी कम दी जाती है। मामले की शिकायत पूर्व में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार साह एवं विद्यालय प्रशासन से की गई थी, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने उच्च अधिकारियों से एनजीओ को दी गई मध्याह्न भोजन संचालन की जिम्मेदारी समाप्त कर विद्यालय में ही भोजन बनवाने की मांग की। प्रभारी प्रधानाध्यापक कामेश्वर राम ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे।सूचना मिलने पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद संजीव कुमार साह विद्यालय पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने मामले से जिला पदाधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया तथा एनजीओ सहायक रंजीत सिंह को मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं प्रत्येक शुक्रवार को अंडा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद छात्रों ने एनजीओ कर्मी से भोजन चखकर गुणवत्ता जांचने की मांग की, जिस पर एनजीओ सहायक स्वयं छात्रों के बीच बैठकर भोजन किया।
इधर, प्रधानाध्यापक वेदानंद सुमन के पटना में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं एमडीएम प्रभारी सुभाषचंद्र पंडित ने दूरभाष पर बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन संचालन की जिम्मेदारी सुंदर अमरशील स्वयंसेवी संस्था को दी गई है। कुछ विद्यालयों से भोजन की गुणवत्ता एवं अंडा नहीं मिलने की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित एनजीओ पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।




