पुल टूटने पर जीविका दीदियों की अनूठी पहल: मात्र 50 रुपये में भरपेट भोजन और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद!

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रिपोर्ट – निभाष मोदी!

भागलपुर गंगा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना कर रहें हैं।

हालांकि नौगछिया जाने के लिए जिला प्रशाशन के द्वारा बरारी घाट पर नाव की व्यवस्था की गई है। नाव पर सवार होने के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता है।

लोगों भूख प्यास से बुरा हाल हो रहा है।

जिसे देखते हुए ‘जीविका’ की दीदियों द्वारा संचालित रसोई की शुरुआत की गई है।

बरारी घाट पर श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद किफायती दरों पर शुद्ध और स्वच्छ भोजन की व्यवस्था की गई है। बरारी घाट पर अक्सर बड़ी संख्या में दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती उचित दर पर पौष्टिक भोजन प्राप्त करने की होती है। इस समस्या को समझते हुए जीविका दीदियों ने मिलकर यहाँ एक सार्वजनिक रसोई की शुरुआत की है।

इस रसोई की बागडोर ‘गंगा जीविका स्वयं सहायता समूह’ की सदस्य लक्ष्मी देवी और उनके साथियों के हाथों में है।

लक्ष्मी देवी बताती हैं कि , इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल लोगों को कम दाम में भोजन उपलब्ध कराना है, बल्कि समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाना है। इस रसोई की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का मेनू और उसकी दरें हैं। आज के महंगाई के दौर में जहाँ सामान्य होटलों में एक थाली की कीमत सौ रुपये से ऊपर चली गई है, वहीं जीविका की यह रसोई मात्र 50 रुपये में भरपेट शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध करा रही है। यह भोजन पूरी तरह से घरेलू स्वाद और स्वच्छता के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, जो बाहर से आने वाले लोगों के लिए घर की कमी को पूरा करता है।

बाइट -लक्ष्मी देवी जीविका दीदी

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