:- रवि शंकर अमित!
बेगूसराय के जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री द्वारा आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को सरस्वती संस्कृत उच्च विद्यालय, बेगूसराय का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण भारत सरकार के “ज्ञान भारतम मिशन” के अंतर्गत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कार्यों की समीक्षा हेतु किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए वर्ग कक्ष, पुस्तकालय एवं भवन की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही विद्यालय में सुरक्षित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण की व्यवस्था का अवलोकन किया तथा प्रधानाध्यापक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मौके पर उपस्थित जिला संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार साहनी ने जानकारी दी कि ज्ञान भारतम मिशन के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों को संरक्षित एवं सूचीबद्ध किया जा रहा है। इन पांडुलिपियों को भारत सरकार के “ज्ञान भारतम पोर्टल” पर अपलोड कर भविष्य में डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्य हेतु नव नालंदा महाविहार, नालंदा को क्लस्टर बनाया गया है, जिसके अंतर्गत 14 जिलों में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य संचालित है। नालंदा से आई विशेषज्ञ टीम, जिसमें सहायक आचार्य (हिंदी) विकास सिंह तथा सहायक आचार्य डॉ. सुशांत कुशवाहा (बौद्ध पर्यटन एवं प्रबंधन) शामिल हैं, ने बताया कि प्रारंभ में बेगूसराय जिले में 588 पांडुलिपियों की पहचान की गई थी, जबकि अब तक 613 पांडुलिपियाँ प्राप्त हो चुकी हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार ने जिलाधिकारी को विद्यालय में संरक्षित देवनागरी एवं तिरहुता/मिथिलाक्षर लिपि में लिखित पांडुलिपियों के साथ-साथ गणित (ज्यामिति) विषय से संबंधित दुर्लभ हस्तलिखित दस्तावेजों का अवलोकन कराया।
निरीक्षण के दौरान सुशांत कुमार, प्रधानाध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार, शिक्षक सुरेश पाठक सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी उपस्थित थे।




