जिलाधिकारी ने हर घर नल जल योजना की बारीक़ समीक्षा की, अधिकारीयों को दिये निर्देश!

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:- रवि शंकर अमित!

समाहरणालय, बेगूसराय
(जिला जन-संपर्क कार्यालय)
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 29 अप्रैल, 2026
जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री द्वारा आज दिनांक 29.04.2026 को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) एवं पंचायती राज विभाग (PRD) द्वारा संचालित “हर घर नल-जल” योजनाओं की अद्यतन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में जलापूर्ति योजनाओं में से अधिकांश योजनाएं क्रियाशील हैं, कुछ योजनाएं विभिन्न कारणों से बंद हैं। बंद योजनाओं के प्रमुख कारणों में विद्युत आपूर्ति में बाधा, मोटर/स्टार्टर खराबी, पाइपलाइन लीकेज, सड़क निर्माण कार्य के कारण क्षति, भूमि विवाद एवं ऑपरेटर भुगतान से संबंधित समस्याएं शामिल हैं।
योजनाओ के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अधिकांश गैर-कार्यात्मक योजनाओं में आवश्यक मरम्मत (जैसे पाइपलाइन, मोटर, स्टार्टर, टैंक आदि) कराकर पुनः जलापूर्ति बहाल कर दी गई है। कुछ योजनाएं निर्माणाधीन हैं तथा कार्य प्रगति पर है। लेफ्ट आउट टोलों में योजनाओं के तहत पाइपलाइन बिछाने, मोटर पंप स्थापना, बोरिंग एवं जल शोधन संयंत्र (WTP) का कार्य प्रगति पर है।
जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बंद योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र चालू कराया जाए तथा आवश्यक मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
समीक्षा में यह भी बताया गया कि तेघड़ा प्रमंडल में PHED एवं PRD के अंतर्गत कुल 129 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 68 योजनाएं ट्रायल रन में हैं। शेष योजनाओं को 31 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चापाकल मरम्मत की प्रगति पर भी चर्चा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अधिक उपलब्धि प्राप्त की गई है, जबकि वर्ष 2026-27 में भी कार्य प्रगति पर है। सभी अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर शेष चापाकलों की मरम्मत शीघ्र सुनिश्चित करें।
आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा की समीक्षा में पाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा की स्थिति में सुधार किया जा रहा है तथा शेष केंद्रों में शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
शिकायत निवारण तंत्र (CGRC) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निष्पादन किया जा रहा है तथा लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने की कार्रवाई जारी है।
जलस्तर की स्थिति की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले का औसत जलस्तर लगभग 15 फीट दर्ज किया गया, जिसमें न्यूनतम एवं अधिकतम स्तर क्रमशः विभिन्न पंचायतों में भिन्न-भिन्न पाया गया।
संबंधित विभागों को जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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