रांची विश्वविद्यालय में नवागत कुलपति प्रो. डॉ.सरोज शर्मा का भव्य स्वागत!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

रांची। नव नियुक्त कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन एवं शांति पाठ के साथ हुआ, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य सह द्वारा स्थापित आचार्य कुल के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा को अंग वस्त्र एवं महर्षि दयानंद सरस्वती के क्रांति दर्शन अमर वाक्य पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
आचार्य कुल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जंग बहादुर पांडेय ने सुंदरकांड पुस्तक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वहीं, रांची विश्वविद्यालय के परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मिताली चटर्जी ने माँ भगवती की चुनरी से कुलपति को मातृ स्वरूप में सम्मानित किया। डॉ. अरविंद कुमार लाल ने भी अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक प्राध्यापक गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रांची सह आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के मंत्री डॉ. ओम प्रकाश ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने 29-30 अप्रैल 2026 को रांची स्थित में आयोजित होने वाले झारखंड प्रदेश आचार्य कुल अधिवेशन की जानकारी दी तथा “आचार्य कुल संदेश” हेतु कुलपति से मार्गदर्शन का आग्रह किया।
कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि रांची विश्वविद्यालय के विद्वान एवं विदुषी शिक्षकों द्वारा किया गया यह भव्य स्वागत “भारत, भारतीयता एवं ‘हम’ की भावना” का सशक्त परिचायक है। उन्होंने अपनी स्वलिखित भारतीय ज्ञान परंपरा पुस्तक प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को भेंट कर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डीएवी हेहल के प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार, रांची विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. कुंदन कुमार, इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अरविंद कुमार लाल, सच्चिदानंद मिश्रा, लक्ष्मण नायर, ओम प्रकाश उपाध्याय, डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. रूपसी कुमारी तथा भारथी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के डीएसडब्ल्यू डॉ. उपेंद्र उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे एवं अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
यह समारोह न केवल स्वागत का अवसर था, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं सामूहिकता की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने वाला प्रेरणादायक आयोजन भी सिद्ध हुआ।

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