रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
बच्चों को स्वास्थ्य पोषण, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों से बचाव की मिली जानकारी
मधुबनी जिले से लगनेवाली भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सिमा सुरक्षा को लेकर तत्पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 48 वीं वाहिनी, जयनगर ने ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संदीक्षा परिवार की महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करना था। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एसएसबी कर्मियों के परिवारों को संदीक्षा योजना के तहत् सहायता मिलती है, और यह कार्यक्रम उसी कड़ी का हिस्सा था, जो परिवारों के कल्याण को मजबूत बनाता है। कार्यक्रम में संदीक्षा परिवार की लगभग 20 महिलाओं और 10 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। वाहिनी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर मंजीत भाटिया, कमांडेंट (चिकित्सा) ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर प्रतिभागियों को संबोधित किया है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों से बचाव के बारे में विस्तार से बताया। डॉक्टर भाटिया ने कहा, “स्वास्थ्य ही धन है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विशेष रूप से मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और सांस संबंधी रोगों से सावधान रहना चाहिए। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन की कुंजी हैं।” कार्यक्रम के दौरान संदीक्षा महिलाओं का पूर्ण चिकित्सा परीक्षण (हेल्थ चेक-अप) भी किया गया। ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल, हीमोग्लोबिन जांच सहित अन्य टेस्ट्स के माध्यम से महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की सटीक जानकारी मिली। कई महिलाओं को तत्काल दवाइयां वितरित की गईं, जबकि कुछ को आगे के उपचार के लिए सलाह दी गई। बच्चों को पोषण संबंधी सुझाव दिए गए, जैसे विटामिन-सी युक्त फल खाना और हाथ धोने की आदत डालना। कार्यक्रम में स्वास्थ्य पोस्टर प्रदर्शनी और प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिससे प्रतिभागी और सक्रिय हुए। यह आयोजन अत्यंत सफल रहा और प्रतिभागियों के चेहरों पर स्वास्थ्य जागरूकता की नई चेतना झलक रही थी। एक संदीक्षा महिला ने कहीं “डॉक्टर साहब की सलाह से हमें अपने स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रखना को लेकर सीख मिला।” वहीं, 48 वीं वाहिनी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने बताया कि वाहिनी के द्वारा समय-समय पर ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो न केवल परिवारों को मजबूत बनाते हैं बल्कि सीमा सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। भविष्य में अन्य स्वास्थ्य जागरूकता और योग शिविर और कैंपेन जैसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम जयनगर और मधुबनी जिले के लिए एक सकारात्मक संदेश है, जहां सीमावर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी अक्सर चुनौती बनी रहती है। एसएसबी का यह प्रयास सराहनीय है।




