:- रवि शंकर अमित!
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (मुख्य सचिव कोषांग)
राज्य में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न इस बैठक में सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह और जीविका के सीईओ श्री हिमांशु भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे ।
बैठक में योजना की अद्यतन स्थिति, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आच्छादन, बैंक ऋण की प्रक्रिया और ‘मॉडल सोलर विलेज’ के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2026-2027 तक बिहार में लगभग 4.82 लाख घरों को सोलर रूफटॉप से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत सेंट्रल सब्सिडी के तहत 1 किलोवाट के प्लांट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर अधिकतम 78,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 6.0% की किफायती ब्याज दर पर बैंक ऋण का भी प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत लोन लेने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऋण आवेदन, स्वीकृति और वितरण के लिए विशेष कैंप आयोजित करें। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा अनावश्यक दस्तावेज मांगने की प्रथा पर रोक लगाई जानी चाहिए। अधिकांश आवेदन 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले हैं। ऐसे मामलों में बैंकों द्वारा पैन कार्ड या आय प्रमाण पत्र जैसे गैर-जरूरी दस्तावेजों की मांग नहीं की जानी चाहिए। सभी बैंकों को इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा तय किए गए मानक दिशा-निर्देशों का ही पालन करना होगा। बैंकों में इसके सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
ULA (Utility Led Aggregator) मॉडल के अंतर्गत अगले 4 वर्षों में 58 लाख कुटीर ज्योति (KJ) उपभोक्ताओं के घरों को सोलर सिस्टम से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में अक्टूबर 2026 तक 2.5 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आवेदन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए ‘जीविका दीदियों’ की मदद ली जाएगी योजना के पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक की 5 पंचायतों का चयन किया जाएगा, ताकि पूर्ण आच्छादन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके।
राज्य के हर जिले में एक ‘मॉडल सोलर विलेज’ विकसित किया जाना है, जिसके लिए चयनित गांव को 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) दी जाएगी। योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शेष 28 जिलों में योग्य गांवों का चयन जल्द पूरा करें और प्रतियोगिता अवधि शुरू कराएं। योजना की निगरानी और गति बढ़ाने के लिए तत्काल नोडल अधिकारियों का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है।




