:- रवि शंकर शर्मा!

आज सीएम की अध्यक्षता में शराबबंदी को लेकर हाईलेवल मीटिंग की गई। इस मीटिंग में शराब से जुड़े सारे कांड का ठिकरा थानाध्यक्ष पर फोड़ा गया है। मीटिंग में शराबबंदी से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी थानाध्यक्ष पर सौंपी गई है। यदि किसी भी इलाके में फिर से शराब की बरामदगी होगी तो थानेदारी से थानेदारों को हाथ धोना पड़ेगा।
इसके अलावा थानाध्यक्ष की सीधी भूमिका होने पर 10 सालों तक थानेदारी से भी वंचित होना पड़ेगा। कार्रवाई केवल थानेदार पर नहीं बल्कि दोषि पाए जाने पर अधिकारियों पर भी होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से बीते दिन जहीरीली शराब से हुई मौतों की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए हैं। डीजीपी व गृह विभाग के सचिव ने मीडिया को बताय़ा कि मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसके अलावा सरकारी अधिकारियों पर कड़ी निगरानी के आदेश जारी किये गये हैं।
अब सेंट्रल टीम छापेमारी अभियान चलाएगी, किसी भी जिले के थाने में केंद्रीय टीम जाती है और शऱाब बरामद होती है तो थानेदार पर कार्रवाई होगी। जमानत पर आये बदमाशो, आरोपियों पर विशेष नजर रखने के आदेश दिये गये हैं। पुलिस की प्राईमरी ड्यूटी क्राइम कंट्रोल है इसमें कोई कमी नहीं करते हुए शराबबंदी को भी सफल बनाना है।
जिन थाने में शराब को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए हैं। सारे प्रभारी मंत्री व सचिव को कहा गया कि वे कम से कम एक दिन प्रभार वाले जिलों में जाकर समीक्षा करें।




