मजदूरी विवाद से भड़की हिंसा ने लिया जातीय रूप, दलित परिवारों पर हमले का आरोप, 12 गिरफ्तार।

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रिपोर्ट:- लक्ष्मण कुमार

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिनगर गांव में मजदूरी के बकाया पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर जातीय टकराव में बदल गया है। 30 जनवरी से शुरू हुए इस मामले में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। घटना से जुड़ा एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घर निर्माण की मजदूरी मांगने को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव और झड़प की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
बताया जाता है कि 30 जनवरी को कैलाश पासवान ने लगभग 2 लाख 47 हजार रुपये मजदूरी बकाया की मांग को लेकर हेमकांत झा के परिजनों की बाइक रोक दी, जिसके बाद कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और पंचायत के दौरान भी तनाव बना रहा। अगले दिन यह तनाव हिंसक झड़प में बदल गया।
पीड़ित दलित पक्ष का आरोप है कि मजदूरी मांगने पर दबंगों ने पासवान टोला पर हमला कर दिया, जिसमें 11 लोग घायल हो गए और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। अशर्फी पासवान के आवेदन पर पुलिस ने 70 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि एसडीपीओ बिरौल ने की है। पुलिस के अनुसार विवाद की जड़ बकाया मजदूरी ही है।
वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि मूल विवाद केवल पैसों के लेन-देन का था, जिसे बाद में जातीय रंग दे दिया गया। उनका आरोप है कि प्राथमिकी में ऐसे लोगों को भी नामजद किया गया है जो घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शामिल करने और निर्दोषों के नाम हटाने की मांग की है।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। गिरफ्तारी के डर से कई पुरुष गांव छोड़कर चले गए हैं, जबकि घायल परिवार घटना को याद कर दहशत में हैं।
इसी बीच राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान ने डीएमसीएच पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने छोटे आर्थिक विवाद को बड़ा रूप दे दिया और समाज में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। आयोग पीड़ितों को न्याय, मुआवजा और उचित इलाज दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों और सरकार के निर्देश पर वे स्वयं दरभंगा पहुंचे हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुटी है, जबकि गांव में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।

बाइट
1,बिक्रम पासवान ,घायल DMCH में भर्ती
2,बीरेंद्र पासवान उर्फ़ गुरु ,समाजिक कार्यकर्ता
3, धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान,राज्य अनुसूचित जाति–जनजाति आयोग के अध्यक्ष
4,प्रभाकर तिवारी ,SDPO बिरौल

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