आस्था और अंधविश्वास का अनूठा गठजोड़, उमानाथ में लगता है भूतों का मेला, भूतखेली का डरावना मंजर!

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:- रवि शंकर अमित!

-आस्था के अनेक रूप है, इसका मंजर बाढ़ में देखने को मिला है। बाढ़ के प्रसिद्ध उमानाथ मंदिर में माघी पूर्णिमा पर हर साल गंगा घाट पर भूतों का मेला लगता है। उमानाथ घाट पर भूतखेली देखने के लिए हजारों लोग जमा होते हैं। महिलाएं और पुरुष हाथों में लाठी और नीम की झारी लेकर अजीबोगरीब नाच करते हैं और परिवार के लोग उनको चारों तरफ से घेरकर खड़े रहते हैं। इसी दौरान ढोलक और मंजीरे की थाप पर हाथों में लाठी लेकर भूत झाड़ना शुरू होता है। भगत लोगों के सिर से भूत उतारने के लिए घाट पर ही पूजा पाठ करते हैं। भूत खेली के दौरान महिलाएं स्थानीय गीत भी गाती रहती हैं। ढोल की थाप जैसे जैसे तेज होती है, महिलाओं का नाच भी जोर पकड़ता जाता है। देर रात गंगा घाट पर महिलाओं का लोकल गीत के साथ सिर धुनना और नाच लोगों में एक अजीब डर पैदा करता है। माघी पूर्णिमा पर भूतखेली दो दिनों तक चलता है।

बाइट भगत और स्थानीय लोग

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