रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
18,062 किसानों का एक दिन में निबंधन, जिलाधिकारी की सख्ती और सतत निगरानी से अभियान ने पकड़ी रफ्तार
किसान निबंधन महाअभियान में ऐतिहासिक सफलता, मुजफ्फरपुर ने लहराया राज्य में विजय का परचम
मुजफ्फरपुर,
किसानों के हितों की रक्षा, सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने तथा कृषि व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चलाये जा रहे किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी महाअभियान में मुजफ्फरपुर जिला ने एक बार फिर राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण दिया है। जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के सतत, सशक्त एवं प्रभावी नेतृत्व, नियमित समीक्षा तथा कड़ी मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप जिला ने आज 18,062 किसानों का निबंधन कर राज्य में शीर्ष स्थान बरकरार रखा।
उल्लेखनीय है कि जिले को आज के लिए 11,519 किसानों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि लक्ष्य से कहीं अधिक 18,062 किसानों का निबंधन कर जिले ने 140 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। यह सफलता जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, अधिकारियों-कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका तथा किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
महाअभियान में अब तक 64,062 किसानों का निबंधन
6 जनवरी 2026 से प्रारंभ किए गए किसान निबंधन अभियान को किसानों की सुविधा एवं व्यापक भागीदारी को देखते हुए सरकार द्वारा 11 जनवरी 2026 तक विस्तारित किया गया है। इस विशेष महाअभियान के दौरान अब तक जिले में 64,062 किसानों का निबंधन किया जा चुका है, जबकि जिले में अब तक कुल निबंधन की संख्या 73,081 तक पहुँच गई है। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि किसान अब निबंधन एवं ई-केवाईसी के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से अभियान से जुड़ गये हैं।
रविवार को भी जारी रहेगा अभियान
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में रविवार के अवकाश के बावजूद भी निबंधन एवं ई-केवाईसी का कार्य पूरे मिशन मोड में संचालित रहेगा। सभी प्रखंडों, पंचायतों एवं अंचलों में शिविरों के माध्यम से किसानों को निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
जिला से प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक सक्रियता
किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी कार्य को और अधिक गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एवं किसानों के हित में निबंधन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कृषि समन्वयकों एवं किसान सलाहकारों को पूरी मुस्तैदी, सक्रियता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई, 6 किसान सलाहकारों से स्पष्टीकरण एवं मानदेय स्थगित
जिलाधिकारी द्वारा दिये जा रहे लगातार निर्देशों एवं चेतावनियों के बावजूद निबंधन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 6 किसान सलाहकारों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा इन सभी से स्पष्टीकरण किया गया है तथा उनका मानदेय तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इन किसान सलाहकारों को 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा नियमानुसार चयनमुक्ति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिन पंचायतों के किसान सलाहकारों पर यह कार्रवाई की गई है, उनमें छितरौली बसौली, हरपुर बलरा, खरौनाडीह, चढ़ुआ, चैनपुर वाजिद पंचायत के किसान सलाहकार शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित से जुड़ा कार्य है, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंचल एवं राजस्व कर्मियों को ई-केवाईसी में तेजी लाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता एवं जिला कृषि पदाधिकारी को सभी अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर निबंधन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं राजस्व कर्मियों को ई-केवाईसी कार्य को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूर्ण करने का आदेश दिया गया है।
अपर समाहर्ता (राजस्व) को सभी अंचलों की प्रभावी मॉनिटरिंग कर ई-केवाईसी कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसानों के कार्यों में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
रविवार को प्रखंडों में वरीय अधिकारियों का क्षेत्र भ्रमण
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रविवार को अपने-अपने प्रखंडों का भ्रमण करें, निबंधन कार्य की प्रगति का जायजा लें तथा जहां कमी हो वहां त्वरित सुधार सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान यदि कोई कर्मी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जाए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ा निबंधन
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 3,59,827 किसान आच्छादित हैं, जिनमें से अब तक 48,827 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि निबंधन के आधार पर ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, धान अधिप्राप्ति, खाद-बीज अनुदान सहित सरकार की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसलिए किसानों के हित में सभी अधिकारी एवं कर्मी सक्रिय एवं तत्पर होकर कार्य करें।
प्रत्येक अंचल को मिला 1500 का नया लक्ष्य
अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक अंचल को पुनः 1500 किसानों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि इस लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
राज्य स्तर पर भी हो रही निरंतर समीक्षा
ज्ञातव्य है कि राज्य स्तर पर भी मुख्य सचिव द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी कार्य की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि शत-प्रतिशत किसानों का निबंधन सुनिश्चित कर उन्हें सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने किसानों से की अपील
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने प्रखंड कार्यालय अथवा निकटतम निबंधन शिविर में पहुंचकर निबंधन एवं ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी किसान आगे आकर निबंधन कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी ढंग से उन्हें मिल सके।




