रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के जयनगर 48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल परिसर में दिनांक 20 दिसंबर 2025 को सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी) का 62 वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास, गौरव एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, जवानों, संदीक्षा परिवारजनों तथा बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का आयोजन गोविन्द सिंह भण्डारी, कमांडेंट के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व हरेंद्र सिंह, द्वितीय-कमान-अधिकारी द्वारा किया गया।
अपने संदेश में कमांडेंट गोविन्द सिंह भण्डारी ने सशस्त्र सीमा बल के सभी अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को 62 वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता एवं राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने जवानों के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं त्याग भावना की सराहना करते हुए कहा कि बल के परिवारजनों का सहयोग एवं समर्पण जवानों की सबसे बड़ी शक्ति है। कमांडेंट ने सभी से भविष्य में भी इसी निष्ठा, साहस और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रसेवा करते रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान द्वितीय-कमान-अधिकारी हरेंद्र सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सशस्त्र सीमा बल के गौरवशाली इतिहास एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए चयनित बलकर्मियों को कमांडेशन सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिसे पाकर जवानों का मनोबल और अधिक ऊँचा हुआ।
संदीक्षा महिलाओं के लिए म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता तथा सभी उपस्थित परिवारजनों के लिए मनोरंजक तंबोला खेल का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वही इसके विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों, जवानों एवं परिवारजनों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिससे सौहार्दपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर हरि नारायण जाट, उप कमांडेंट, ताशी पालदन, सहायक कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिकगण उपस्थित रहे।
सशस्त्र सीमा बल का 62 वाँ स्थापना दिवस समारोह बल की गौरवशाली परंपरा, एकजुटता तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।




