विश्व शांति और सर्व कल्याण की कामना के साथ तीन दिवसीय गायत्री महामंत्र जाप का समापन!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

विश्व शांति और सर्व कल्याण की कामना के साथ तीन दिवसीय गायत्री महामंत्र जाप का हुआ था शुभारंभ

गायत्री परिवार के द्वारा 24 लाख महामंत्रों का अखण्ड जाप महायज्ञ का हुआ समापन

दिखा श्रद्धा का संगम, काफी उत्साहपूर्वक भक्तों ने लिया भाग

मधुबनी जिले के इंडो नेपाल से लगने वाली जयनगर सहर मुख्यालय स्थित गायत्री शक्तिपीठ के द्वारा मारवाड़ी विवाह भवन में श्रद्धा और आस्था के वातावरण में तीन दिवसीय 24 लाख गायत्री महामंत्र अखण्ड जाप महापुरश्चरण का भव्य शुभारंभ के साथ आज तीसरे दिन समापन किया गया है। यह आयोजन गायत्री शक्तिपीठ ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी के तत्वावधान तथा गायत्री परिवार के संयुक्त प्रयास से आरंभ हुआ था। माँ गायत्री की प्रतिमा के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चारण, कलश स्थापना और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई थी, जिससे सम्पूर्ण शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के दौरान अखण्ड दीप के समक्ष 24 लाख गायत्री महामंत्र के सामूहिक जाप के साथ-साथ भजन-कीर्तन, सत्संग, युगल संगीत, जन जागरूकता प्रवचन, विचार गोष्ठी और पूजन-संकल्प जैसे अनेक अध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गायत्री परिवार से जुड़े श्रद्धालुओं ने चौबीस कुण्डी गायत्री महायज्ञ, महामृत्युंजय मंत्र साधना, पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण जैसे अनुष्ठान में उत्साह के साथ भाग लेकर पुण्य के भागी बने। जयनगर के साथ-साथ आस-पास के गाँवों और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु, साधक और गायत्री परिवार के अनुयायी इस अवसर पर पहुंचे थे। सामूहिक जाप और यज्ञ के कारण पूरा क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर दिखा। भक्तों के जयकारों और मंत्रोच्चारण से पूरा परिसर शक्तिपीठ जैसे आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत सा दिख रहा था। सत्संग सम्मेलन के दौरान प्रवचन कर्ताओं ने माँ गायत्री की साधना और महामंत्र की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और गायत्री महामंत्र से मन, बुद्धि और आत्मा का शुद्धिकरण किया गया तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया गया। उन्होंने समाज को शिक्षित, संस्कारित और नशामुक्त बनाने का संदेश देते हुए “बेटी बचाओ– बेटी पढ़ाओ” अभियान को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दिए। उपस्थित प्रवचन कर्ताओं ने यह भी कहा कि निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों, बुजुर्गों और असहायों की सेवा करना ही सच्ची साधना है। आगे आयोजकों ने बताया कि गुरुदेव के सूक्ष्म संरक्षण में हो रहा यह सामूहिक अखण्ड जाप से प्रत्येक साधक दुर्लभ आध्यात्मिक सौभाग्य को प्राप्त करता है। श्रद्धालुओं की निष्ठा और सहभागिता से कार्यक्रम की चेतना निरंतर प्रबल हो रही थी और सभी इस महापुरश्चरण से मिलने वाले आध्यात्मिक फल के सहभागी बने भी रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, सर्वजन कल्याण, सामाजिक समरसता, नशामुक्त समाज का निर्माण तथा धार्मिक मूल्यों का संवर्धन है। श्रद्धालुजन मानते हैं कि यह अनुष्ठान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण का संदेश दे रहा है और शक्तिपीठ परिवार के द्वारा पूरा वातावरण भक्तिमय के साथ उत्साहपूर्ण रहा, जहाँ हर ओर आस्था, विश्वास और समर्पण की झलक दिखाई दे रहा था। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और साधकों ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस दिव्य कार्यक्रम के समापन पर पूर्णाहुति यज्ञ और महाप्रसाद वितरण के साथ सामूहिक प्रार्थना की गई है। तो वहीं, श्रद्धालुओं में यह विश्वास जगा कि इस अखण्ड जाप से समाज में नई चेतना और सकारात्मकता ऊर्जा का संचार भी होगा, इसी के साथ आज 24 लाख गायत्री महामंत्र अखण्ड महापुरश्चरण का जाप समाप्त हुआ।

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