रिपोर्ट- अमित कुमार!
पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित चार दिवसीय NAPCON 2025 में देश–विदेश से लगभग 3,000 विशेषज्ञ डॉक्टरों, रेज़िडेंट्स, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन भारत में श्वसन चिकित्सा का सबसे बड़ा वैज्ञानिक मंच बन गया। “ग्लोबल रीच, लोकल टच” थीम के तहत सम्मेलन ने वैश्विक प्रगति और भारतीय आवश्यकताओं को जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाया।
दिवस–2 पर 12 उच्च स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएँ आयोजित हुईं, जिनमें ब्रोंकोस्कोपी, EBUS, थोरैसिक अल्ट्रासाउंड, PFT, मैकेनिकल वेंटिलेशन, मेडिकल थोराकोस्कोपी, ECMO, स्लीप मेडिसिन, रेडियोलॉजी, एलर्जी प्रबंधन और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला।
आयोजन सचिव डॉ. सुधीर कुमार के नेतृत्व में सम्मेलन का संचालन अत्यंत सफल रहा। शाम को आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान उपस्थित रहे। उन्होंने बिहार में बढ़ते ARI, LRI, MDR-TB, COPD और अस्थमा जैसी चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की और बेहतर स्वास्थ्य संरचना पर बल दिया।
राज्यपाल ने “कॉम्पेन्डियम ऑफ़ रेस्पिरेटरी मेडिसिन – NAPCON 2025” तथा “ब्रीथ ऐंड बियॉन्ड रेस्पिरेटरी जर्नल” का विमोचन किया। इसके साथ ही डॉ. राज कुमार को ICS लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और बिहार चैप्टर को बेस्ट स्टेट चैप्टर अवॉर्ड प्रदान किया गया।
सांस्कृतिक संध्या और इनॉगुरल डिनर ने विशेषज्ञों के बीच उत्कृष्ट नेटवर्किंग का अवसर प्रदान किया। NAPCON 2025 आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सत्रों के साथ श्वसन चिकित्सा को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।




