रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
फसल क्षति के मुआवजे को लेकर किसानों ने किया बैठक, उठाया आवाज कहा मिले मुआवजा
16 पंचायतों के किसानों को फसल क्षति राहत से वंचित करने के विरोध में होगा आंदोलन तेज
बिहार राज्य किसान सभा ने कहा किसान के धैर्य की परीक्षा और नहीं सहेंगे
मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के किसानों को फसल क्षति का मुआवजा और कृषि विभाग की अनियमितताओं के खिलाफ बुधवार को बिहार राज्य किसान सभा की ओर से बिस्फी प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना- प्रदर्शन किया गया है। धरना का नेतृत्व किसान सभा के प्रखंड अध्यक्ष बाबूलाल महतो ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त सचिव मनोज कुमार यादव ने किए। धरना में बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से सैकड़ों किसान शामिल हुए। सभी ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए फसल क्षति का पर्याप्त मुआवजा घोषित करने और किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की है। सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के संयुक्त सचिव मनोज कुमार यादव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था डगमगा चुकी है और सबसे अधिक कोई प्रभावित है तो, वो किसान हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हुई है, जबकि बिस्फी सहित पूरे जिले में बेमौसम बारिश और आपदा के कारण बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों की कमर टूट चुकी है। कृषि उपकरण, खाद-बीज, पानी सब महंगे हैं, परंतु किसानों को अपने फसल पर एमएसपी का लाभ अब तक नहीं मिल रहा, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिस्फी प्रखंड के 16 पंचायतों के किसानों को फसल क्षति राहत से वंचित रखा गया है। यह प्रशासनिक अन्याय है और इसकी तुरंत समीक्षा कराई जानी चाहिए। उन्होंने बिस्फी कृषि विभाग में खाद, बीज और कीटनाशक वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितता और घोटाले का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही साथ किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा नाहस खंगरैठा कृषि फार्म में कृषि महाविद्यालय की स्थापना की भी मांग की है। आगे सभा को संबोधित करने वालों में जिला किसान कौंसिल के सदस्य बिन्दु यादव, ललित कुशवाहा, प्रखंड सचिव सुमित्रा देवी, राजीव रंजन कुमार, अखिलेश पंजीयर, अरुण यादव, लालू प्रसाद यादव, वसी अहमद, पुरनी देवी, मीरा देवी और भाकपा अंचल सचिव महेश यादव शामिल थे। धरना के अंत में किसान सभा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द फसल क्षति मुआवजे की घोषणा नहीं की, तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।




