:- रवि शंकर अमित!
प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी, कंकौल, बेगूसराय में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय युवा उत्सव 2025 के दूसरे दिन जिले के विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय एवं संस्थानों के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह उत्सव सोमवार को संपन्न होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत दामिनी मिश्रा की शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने युवाओं को सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आधार है तथा बेगूसराय की धरती इस क्षेत्र में अत्यंत समृद्ध रही है।
जिला कला संस्कृति पदाधिकारी श्याम सहनी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला स्तर पर सफल होने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय युवा उत्सव में हिस्सा लेने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस उत्सव में समूह लोकगीत, समूह लोकनृत्य, कविता लेखन, कहानी लेखन, चित्रकारी, वक्तृता, नवाचार विज्ञान समेत कई विधाओं में छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिक्षक गौरव कुमार पाठक ने अपनी कविता एवं गीत के माध्यम से प्रभावी मंच संचालन कर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। आज के कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
शास्त्रीय एकल गायन में मुस्कान कुमारी ने अपनी प्रस्तुति दी। एकल लोक गायन में आरती कुमारी, मुस्कान कुमारी, कशिश कुमारी, अंजली कुमारी, सुहानी कुमारी और मंचन कुमारी ने शानदार गायन प्रस्तुत किया। एकल वादन (तबला) में वेदांत ने अपनी प्रस्तुति दी। एकल नृत्य में खुशी कुमारी ने दर्शकों का मन मोह लिया।
समूह लोक नृत्य में निशु कुमारी एवं उनकी टीम तथा साक्षी कुमारी एवं उनकी टीम ने ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ देकर सभागार में उत्साह का वातावरण बना दिया।
कविता लेखन में अमन कुमार, मिलपी कुमारी, अमन कुमार, मुस्कान कुमारी, अभिलाषा कुमारी एवं संगीता कुमारी ने भाग लिया। कहानी लेखन में सुमन कुमार, नवीन कुमार एवं मुस्कान कुमारी ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
विभिन्न विधाओं के मूल्यांकन में डॉ. सच्चिदानंद पाठक, शेखर सावंत एवं सुंदरम गांधी (कहानी), डॉ. मनोहर गोपाल, अरविंद पाठक एवं कविता कुमारी (गायन), दिनेश पाल एवं अशोक कुमार पासवान (वादन), तथा रामू कुमार एवं सोनी कुमारी (नृत्य) निर्णायक की भूमिका में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रूपेश कुमार, राजमणि कुमारी, अंजली कुमारी, मनोज कुमार एवं सौरभ कुमार का योगदान सराहनीय रहा।




