बुलडोजर नहीं पर्चा दो!रोजी-रोटी सुरक्षा दो!नारे के साथ माले का सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन!

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पंकज कुमार जहानाबाद ।

बुलडोजर नहीं पर्चा दो!
रोजी-रोटी सुरक्षा दो!
नारे के साथ माले ,अखिल भारतीय के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा जहानाबाद के मुख्य सड़कों पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया । इस कार्यक्रम में माले ,खेत ग्रामीण मजदूर सभा एवं बिहार राज्य व्यावसायिक महासंघ के बैनर तले,गरीब, दलित,व्यवसाई, बुलडोजर हमले के खिलाफ जहानाबाद जिला मुख्यालय में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित की। जिसमें बड़ी संख्या में गरीब दलित व व्यवसाई महिला पुरुष भाग लिए।
विरोध मार्च जहानाबाद उटा स्टेशन से निकलकर पटना गया मुख्य मार्ग होते हुए अरवल मोड़ पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।
मार्च में शामिल महिला पुरुष नारा लगा रहे थे बुलडोजर नहीं पर्चा दो ,रोजी-रोटी सुरक्षा दो ,बुलडोजर राज खत्म करो, दमन नहीं आवास चाहिए रोटी और रोजगार चाहिए।
दम है कितना दमन में तेरा देखा है और देखेंगे, कितनी लंबी जेल तुम्हारा नापा है और नपेंगे। इस मौके पर माले के नेता रामाधार सिंह ने कहा कि बिहार में एनडीए को बहुमत गरीब गुरबों ने दिया है और सरकार उन्हीं के ऊपर बुलडोजर चला रही है सरकार को पहले गरीब गुरबों एवं दुकानदारों को जमीन देकर बसाना चाहिए तब बुलडोजर चलना चाहिए यह आंदोलन हम लोगों का और तेज होगा।शहर के
अरवल मोड़ पर सभा की अध्यक्षता अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा के जिला सचिव प्रदीप कुमार ने किया ।सभा को संबोधित करने वालों में महिला नेत्री रेणु देवी, माले नेता कमलेश चंद्रवंशी ,संजय चंद्रवंशी, माले जिला सचिव रामाधार सिंह थे ।जबकि रैली का नेतृत्व माले नेता प्रभात कुमार बीतन मांझी, विनोद कुमार भारती ,शौकीन यादव, संजू देवी ,उदय पासवान ,बुद्धदेव यादव,उद्रेश पासवान ,हसनैन अंसारी ,नीतीश कुमार आदि कर रहे थे।
नेताओं ने अपने वक्तव्य में कहा बिहार में फासीवादी सरकार का पुनः आगमन हो गया है इस बार सरकार के औपचारिक संपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरा करने से पूर्व से ही अपना दमन कार्य को शुरू कर दिया है और निशाने पर गरीब दलित व छोटे व्यवसाई है ,जिनके रोजी रोटी व सुरक्षा पर हमला तेज हो गया है, इसमें ना जाती न धर्म को देखा गया चुनाव के पूर्व जिस दलित (पासवान) समुदाय को अपना कह रहा था रहुई (नालंदा )में बुलडोजर के निशाने पर आ गए, धर्म के ठेकेदार भाजपा सरकार ने हनुमान व भगवान शंकर को भी नहीं बक्शा ।
बिहार सरकार सत्ता के मद में चूर हो गया है जिसको सड़कों पर सबक सिखाना होगा बिहार के तमाम गरीब दलित चाहे किसी भी जाति समुदाय के हैं उन्हें एक जुट होकर आंदोलन में उतरना होगा। जिन सवालों को टेबल पर नहीं हल हो सका उन सवालों को इतिहास में सड़कों पर हल हुआ है ,अतः हमें आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा लड़ाई को आगे बढ़ना होगा इस बात का आह्वान नेताओं ने आज के सभा में किया।
बाईट रामाधार सिंह माले नेता

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