रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के इंडो नेपाल सिमावर्ती जयनगर को जिला बनाने, केंद्रीय विद्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, जयनगर को लोकसभा और विधानसभा का दर्जा देने, के साथ ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर जयनगर के प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा सहर के शहीद चौक स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सरकार,प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान को आकृष्ट करने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर जयनगर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष बैद्यनाथ ठाकुर ने कहा कि जयनगर, जो वर्तमान में मधुबनी जिले का प्रमुख अनुमंडल है, भौगोलिक दृष्टि से भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है। यहाँ से नेपाल की दूरी केवल एक किलोमीटर है और यह क्षेत्र नेपाल के जनकपुरधाम एवं जयनगर के साथ सीधे जुड़ा हुआ है। जयनगर रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग भारत-नेपाल व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र हैं, और सीमावर्ती होने के कारण यहां विशेष सुरक्षा एवं विकास योजनाओं की आवश्यकता है।
आर्य कुमार पुस्तकालय के सचिव नारायण यादव ने इस अवसर पर कहा, “जयनगर के भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए इसे जिला घोषित करना अनिवार्य है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जनसंख्या और व्यापार के हिसाब से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव होगा। हम राज्य सरकार से अपील करते हैं कि जयनगर को जल्द से जल्द जिला का दर्जा प्रदान किया जाए। प्रशासनिक दृष्टि से भी जयनगर को जिला बनने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। मधुबनी जिला क्षेत्रफल एवं जनसंख्या के हिसाब से अत्यधिक बड़ा होने के कारण यहां के लोग प्रशासनिक कार्यों के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक जाने को मजबूर हैं।
विश्व गुरु सेवा संस्थान ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम प्रसाद राऊत ने कहा कि जयनगर को न्यायालय, जेल और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जो पिछले 35 वर्षों से समस्या बनी हुई है।
आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से जयनगर मंडी क्षेत्र, शिक्षा संस्थान, अस्पताल, बैंकिंग एवं व्यावसायिक गतिविधियों के कारण स्वतंत्र जिला बनने के योग्य है। जयनगर अनुमंडल में पर्याप्त जनसंख्या और राजस्व संसाधन मौजूद हैं, तो वही आसपास के प्रखंडों जैस जयनगर, बासोपट्टी, हरलाखी, खजौली, कलुआही, लदनिया, बाबूबरही और लौकहा को मिलाकर नए जिले का गठन व्यावहारिक होगा।
उन्होंने जयनगर क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जयनगर और आसपास के क्षेत्र मिथिला संस्कृति का केंद्र हैं। बाबा शिलानाथ धाम, कल्याणेश्वर स्थान, बिशौल का बिस्वामीत्र स्थान, फुलहर और राजा बलिराज गढ़ जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थान इस क्षेत्र की पहचान हैं। साथ ही पर्यटन की अपार संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया।
जयनगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा कि जयनगर की जनता अब अपने हक के लिए सक्रिय हो चुकी है। केंद्रीय विद्यालय, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक भेदभाव के कारण यहाँ की जनता लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। ज्ञापन में बिहार सरकार से अपील की गई है कि जयनगर को जिला घोषित कर दीर्घकालिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
जयनगर विकास यात्रा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया और इसमें जयनगर को जिला बनाने, लोकसभा और विधानसभा का दर्जा देने, केंद्रीय विद्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने जैसी मांगों का समर्थन किया गया।
श्री राऊत ने आगे कहा कि दुर्गा पूजा के बाद जयनगर जिला निर्माण समिति की बैठक कर सर्वसम्मति से प्रभावशाली आंदोलन किया जाएगा l बाबा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष बैद्यनाथ ठाकुर, सचिव बिहारी कुमार, आज कुमार पुस्तकालय के सचिव नारायण यादव, कोषाध्यक्ष रामवीर यादव, प्रोफेसर शिव कुमार ठाकुर, पूर्व दैनिक जागरण के पत्रकार लड्डू झा,जन सुराज पार्टी के क्रांतिकारी नेता चंदन सिंह,भाजपा नेता उपेंद्र राम, कम्युनिस्ट नेता वकील बैठा, दीपक कुमार सहित दर्जनों लोगों ने माल्यार्पण कर अपने अपने विचारो को रखा।




