:- रवि शंकर अमित!
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का प्रेस बयान।
तेजस्वी पढ़े – लिखे होते तो बिहार का विकास समझ आता
तेजस्वी यादव द्वारा बिहार सरकार और केंद्र की 7 लाख करोड़ से अधिक की विकास योजना पर सवाल उठाना उनके राजनीतिक दिवालियापन और हताशा को दर्शाता है।
जबकि सच्चाई है कि वार्षिक बजट के साथ राज्य के विकास और आम लोगों की आवश्यकताओं को पुरी करने की जिम्मेवारी के तहत तथा संकल्प पुरा करने के लिए सरकार काम कर रही है, जो 7 लाख करोड़ से अधिक की योजना बहुवर्षीय (Multi-Year) निवेश एवं विकास रोडमैप है।
इसमें केंद्र-राज्य का संयुक्त सहयोग, निजी निवेश, PPP मॉडल और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ शामिल हैं। रेलवे, हाइवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में चरणबद्ध निवेश होगा।
तेजस्वी यादव को बताना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तब, बिहार के युवाओं को पलायन से रोकने के लिए क्या किया?, बेरोजगारी दर क्यों चरम पर रही?, शिक्षा-स्वास्थ्य की स्थिति क्यों बदतर हुई? भ्रष्टाचार और परिवारवाद क्यों चरम पर था?, दरअसल, जिनके पास न विजन है, न विकास का रोडमैप, वे सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से जनता को गुमराह करते हैं।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने यह ठान लिया है कि बिहार को पिछड़ेपन से निकालकर विकसित राज्य बनाना है।
यही वजह है कि निवेशक बिहार आ रहे हैं, रोजगार के अवसर बन रहे हैं, और 7 लाख करोड़ से भी अधिक का रोडमैप बिहार के सुनहरे भविष्य की नींव है।
तेजस्वी यादव का काम सिर्फ झूठे सवाल उठाना है, जबकि भाजपा और एनडीए का संकल्प है – वादा नहीं, वादे को निभाना।




