वैशाली में महिला के साथ सिस्टम में तोड़ा दम, बाढ़ से घिरी प्रसव पीड़िता को नहीं मिली मदद, गई जान!

SHARE:

रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!

कल रात वैशाली में सिस्टम की मौत हो गई ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की बदहाली ने एक महिला की जान ले ली और अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला जिंदगी की जंग हार गई। दरअसल महनार प्रखण्ड क्षेत्र के हसनपुर दक्षिणी पंचायत का बाहलोलपुर दियारा बाढ़ की चपेट में है जहाँ गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। और इसी गांव के रहने वाले राजेश राय की पत्नी सोनी देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुआ तो उसके घर वाले काफी परेशान हो गए। घरवालों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि से नाव या एसडीआरएफ का वोट मांगा ताकि प्रसव के लिए महिला को अस्पताल मे भर्ती कराया जा सके। जिसपर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने बताया सरकारी नाव का परिचालन बंद है जिसके लिए महनार प्रशासन से बात करनी होगी। लिहाजा परिजनो ने महनार प्रशासन को फोन भी किया लेकिन एसडीआरएफ बोट के लिए आवेदन की मांग प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार से की गई जिसे देने में परिजनों ने असमर्थता जताई। हालांकि देर शाम आवेदन मांगने वाले अधिकारी की संवेदना जागी और एसडीआरएफ की टीम वोट लेकर बहलोलपुर दियारा पहुंच गई लेकिन तब तक रात हो चूकी थी और महिला का प्रसव भी दियारा में ही हो चुका था। फिर भी एसडीआरएफ के जवानो ने मामले की संवेदनशीलता को समझा और प्रसव पीड़ित महिला को बहलोलपुर से रेस्क्यू कर महनार पहुंचाया। लेकिन इस महिला की किस्मत ने यहाँ भी उसका साथ नहीं दिया और गंगा के इस पार आने पर पता चला कि एम्बुलेंस हड़ताल पर है। जिसके बाद काफी मशक्कत से इस पार लाई गई महिला को स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाने के लिए निकले लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो गई। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर किसके आदेश पर नाव का परिचालन बंद किया गया। जबकि गंगा खतरा के निशान से उपर है और बाढ़ का अलर्ट लगातार सरकार द्वारा जारी किया जा रहा है।

बाइट-राजू कुमार, परिजन

Join us on:

और पढ़ें