रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय
सत्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शनिवारीय नुक्कड़ श्रृंखला में ‘ ज्ञान का सौदागर ‘ नाटक की हुई प्रस्तुति
साहेब लाल यादव द्वारा लिखित व निर्देशित ‘ ज्ञान का सौदागर ‘ में शिक्षा के निजीकरण और व्यवसायिककरण को विषय बनाया.
आरा : सत्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शनिवारीय नुक्कड़ श्रृंखला में आज साहेब लाल यादव द्वारा लिखित व निर्देशित
” ज्ञान का सौदागर ” की प्रस्तुति की गईं. विदित हो कि प्रत्येक शनिवार स्टेडियम गेट, रमना मैदान में यह नुक्कड़ श्रृंखला आयोजित की जाती है.
आज के कार्यक्रम का उद्घाटन महावीर मंदिर के महंत श्री सुमन बाबा ने किया. श्री सुमन बाबा ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्राचीन भारत में गुरुकुल की परम्परा थी, जहाँ शिक्षा मुफ्त मिलती थी. वही आज के भारत में शिक्षा बिना पैसों के नहीं मिलता. आज के निजी विद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षा के नाम पर आम जनों का आर्थिक शोषण होता हैं.
कार्यक्रम में नाटक के कलाकारों को वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक कुमार टूटू और पत्रकार आशुतोष पाण्डेय के हाथों अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन युवा नेता व समाजसेवी अभय विश्वास भट्ट ने किया. संस्था के ट्रस्टी श्री संजय राय ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमें पुराने शिक्षा संस्कृति की ओर लौटना होगा, जहाँ शिक्षा के साथ साथ अनुशासन और संस्कार भी मिलता था.
वही संचालन करते हुए अभय विश्वास भट्ट ने बताया कि नाटक में निजी विद्यालयों द्वारा किये जा रहें आर्थिक शोषण को विषय बनाया गया. जहाँ शिक्षा कम, पोशाक और किताबों के नाम पर धन उगाही की जाती है। इन्होंने लोगो को जागरूक करते हुए कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण को रोकने के लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए। आज स्कूल ज्ञान का मंदिर नही बल्कि पैसा का मशीन हो गया है।
नाटक के मुख्य भूमिकाओं में आरती देवी, अम्बुज राजा, डॉ अनिल सिंह, लड्डू भोपाली, बीरेंद्र ओझा बम, राजा कुमार, अंकुश कुमार व साहेब लाल यादव रहें. धन्यवाद ज्ञापन रंगकर्मी लड्डू भोपाली ने किया.
कार्यक्रम में क्रिकेट एकेडमी के सचिव विजय कुमार ,वरीय कलाकार सुधीर शर्मा, कमलेश कुंदन, भोला भट्ट,आलोक कुमार टूटू, करण कुमार, राहुल श्रीवास्तव, वरिष्ठ कलाकार डॉ पकंज भट्ट आदि शामिल रहें




