महिलाओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास, व्यक्त कर रही हैं अपनी आकांक्षाएं!

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रिपोर्ट- बिकास कुमार!

महिला संवाद कार्यक्रम: सशक्तिकरण की नई राह

सहरसा :- लगातार डेढ़ माह से जारी महिला संवाद कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नई उम्मीदें जगाई हैं । जिले भर में आयोजित इन कार्यक्रमों में महिलाएं बड़े उत्साह के साथ भाग ले रही हैं । यह संवाद कार्यक्रम न केवल जानकारियों का आदान-प्रदान करने का एक जरिया बना है, बल्कि महिलाओं को अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का भी सशक्त मंच प्रदान कर रहा है ।
जिले के 1338 ग्राम संगठनों में अब तक आयोजित इन कार्यक्रमों में 3 लाख 34 हजार से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की है । महिलाओं के बीच इस पहल को लेकर जागरूकता और उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है ।सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के बघवा पंचायत के पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में अमर जीविका ग्राम संगठन की सदस्य राखी देवी ने अपने अनुभव साझा किए । उन्होंने बताया कि जीविका समूह से जुड़ने से पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी । लेकिन समूह से ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपने जीवन को एक नई दिशा दी । राखी देवी की कहानी अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही है ।इन संवाद कार्यक्रमों में महिलाएं अपनी उम्मीदें और सपने व्यक्त कर रही हैं । कुछ महिलाएं सुंदर और स्वच्छ गांव की कल्पना कर रही हैं, जबकि कई महिलाओं का मानना है कि रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए । इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाएं अपने सुझाव और आवश्यकताओं को सामने रख रही हैं ।सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सीटानाबाद पंचायत के बरेवा टोला गांव में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में खुशी कुमारी ने अपनी राय रखी । उन्होंने कहा कि जीविका को सहकारी बैंक के रूप में मान्यता मिलने से महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण में बड़ी मदद मिलेगी । इससे न केवल उनकी बचत को सुरक्षित स्थान मिलेगा, बल्कि उन्हें जरूरत के समय ऋण लेने में भी आसानी होगी ।
महिला संवाद कार्यक्रम ने महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । यह कार्यक्रम उन्हें अपनी बात रखने, समस्याओं को साझा करने और एकजुट होकर समाधान खोजने का अवसर प्रदान कर रहा है । महिला सशक्तिकरण की इस दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है ।

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