राशन में भारी हेराफेरी कर रहे जनवितरण दुकानदार व सिस्टम, लोगों में भारी आक्रोश!

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पंकज कुमार जहानाबाद।

जहानाबाद में जन वितरण प्रणाली के दुकानों में सरकार के द्वारा प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम फ्री राशन देने का प्रावधान है लेकिन विडंबना इस बात की है जहानाबाद के शहरी एवं ग्रामीण इलाके के लोगों को 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति राशन नहीं मिलता है जिसके कारण उपभोक्ताओं के बीच राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रति रोष देखा जा रहा है उपभोक्ताओं की माने तो हम लोगों के द्वारा कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि इस ओर कोई कदम नहीं उठाते है ऐसी हालत में फूटपाथी विक्रेता संघ की ओर से आवाज उठाई गई है
जहानाबाद जन वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाज में अनियमितता, तानाशाही रवैया और मनमानी के खिलाफ फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने अनुमंडल पदाधिकारी से मिलकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
चोपड़ा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्देशित यह व्यवस्था की गई है कि सभी कार्डधारकों को एक माह में दो बार फिंगरप्रिंट सत्यापन के आधार पर राशन की आपूर्ति की जाएगी। परंतु जहानाबाद शहर के अधिकांश जन वितरण प्रणाली दुकानदार उपभोक्ताओं से दो बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के बावजूद केवल एक बार का ही राशन प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानदारों द्वारा प्रति उपभोक्ता हर माह लगभग 2 किलोग्राम अनाज की कटौती की जा रही है। इतना ही नहीं, अधिकतर डीलर अपने स्थायी दुकानों की जगह अस्थायी घरों से वितरण कर रहे हैं, जिससे अनाज की हेरा-फेरी को बढ़ावा मिल रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उपभोक्ताओं को रसीदें नहीं दी जातीं, जिससे वे प्राप्त अनाज की मात्रा का मिलान नहीं कर पाते। जब उपभोक्ता इसका विरोध करते हैं तो उनके साथ दबंगई और दुर्व्यवहार किया जाता है।
अरविंद चोपड़ा ने आरोप लगाया कि इस पूरे सिस्टम में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता और यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह गड़बड़ी और व्यापक रूप ले सकती है।
उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषी दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को उनका हक सही तरीके से मिल सके।
फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा इस विषय पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर, आम जनता और प्रशासन को जानकारी दी गई है, और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है। आपको बताते चलें कि बिहार में इस वर्ष विधानसभा के चुनाव होना है प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री एवं उनके जनप्रतिनिधियों के द्वारा लगातार दावा किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा प्रति व्यक्ति प्रतिमा 5 किलोग्राम राशन दिया जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कुछ डीलरों को छोड़कर अधिकांश डीलरों के द्वारा प्रति व्यक्ति 4 किलोग्राम राशन शहरी एवं ग्रामीण इलाके में दिया जा रहा है ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ रहा है जिसका खामियाजा बिहार विधानसभा के चुनाव में भुगतना पड़ सकता है

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