रिपोर्ट संतोष तिवारी
आर्थिक अपराध इकाई पटना के द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत मुजफ्फरपुर के साइबर थाने की पुलिस ने यह कार्रवाई की है. दो साइबर अपराधियों को सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर मनोकामना नगर स्थित एक किराये के मकान से व तीसरे की गिरफ्तारी पटना से की गयी है. उनकी पहचान पारू थाना के रसूलपुर निवासी मो. हुसैन, सरैया थाना के तिल बिहटा गांव के विपिन कुमार और शेखपुरा जिला के अरियारी थाना के करीमाबिगहा निवासी रोहित कुमार के रूप में की गयी है. पुलिस ने तीनों के पास से 32 मोबाइल फोन, नौ सिम कार्ड, पांच लैपटॉप, एक मॉनिटर, एक सीपीयू, एक मदरबोर्ड, एक चेकबुक, दो आधार कार्ड, 12 डेबिट कार्ड, दो पेन ड्राइव, तीन चार्जर, पैसे से लेन- देन से संबंधित तीन नोटबुक, एक माउस, एक एसएसडी, एक पिट्ठू बैग और बैंकों से संबंधित अन्य कागजात पता किया जा रहा है. यह गैंग राजस्थान,यूपी,और केरल में एक्टिव था..
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि साइबर अपराध पर रोकथाम के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा ऑपरेशन साइबर प्रहार चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में उनके निर्देशन में कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही थी. इसी क्रम में सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर मनोकामना नगर में एक मकान में संदिग्ध नंबर का लोकेशन मिला. उक्त मोबाइल नंबर का सत्यापन औरकार्रवाई के लिए साइबर डीएसपी सह थानेदार हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने जांच के बाद कार्रवाई करते हुए जब भगवानपुर स्थित मकान में छापेमारी की वहां से दो साइबर अपराधी मो. हुसैन व विपिन कुमार को गिरफ्तार किया .. वहां से भारी संख्या में साइबर अपराध में प्रयुक्त, मोबाइल, लैपटॉप, सिम कार्ड , पैसा लेन देन से संबंधित नोट बुक बरामद किया गया. दोनों अपराधियों की निशानदेही पर पटना में छापेमारी कर तीसरे अपराधी रोहित कुमार को दबोचा गया है. गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली व उड़ीसा समेत अन्य राज्यों से साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतें दर्ज है. तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए अन्य राज्यों से संपर्क साधा जा रहा है.पुलिस की प्रारंभीम पूछताछ में दोनो शातिरों ने बताया कि सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी बिज्ञापन के माध्यम से लोगो को आर्डर व पार्सल कैंसिल और डिएक्टिवेट होने का भय दिखाकर ठगी करते है.. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 1200 से अधिक लोगों को चुना लगा चुका है..महज एक साल में 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है..इस गिरोह के खिलाफ बिहार,झारखंड,उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यो में मुकदमे दर्ज है..
बाइट-सुशील कुमार,एसएसपी




