रिपोर्ट- अमित कुमार!
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता बिहार है और वे पूरी तरह से बिहार की राजनीति करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी इशारा किया कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी और मुख्यमंत्री पद को लेकर भी उनकी मंशा साफ नजर आ रही है।
चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने राजनीति में आने का फैसला सिर्फ बिहार के लिए लिया है। उनका मानना है कि जो लोग राज्य से पलायन कर गए हैं, उन्हें वापस लाना उनकी प्राथमिकता है। बिहार की राजनीति में वह अपने आप को सहज और सशक्त पाते हैं। यह बयान कहीं न कहीं उनकी पार्टी की उस मांग का समर्थन माना जा रहा है जिसमें उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की बात की जा रही थी।
“मैं बिहार की राजनीति में इसलिए आया हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मैं यहीं सबसे सहज हूं, सबसे अच्छा काम कर सकता हूं। हमारा उद्देश्य है कि बिहार से जो पलायन हुआ है, उसे वापस लाया जाए।”
— चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार
प्रधानमंत्री के हालिया दौरे और आतंकवाद पर दिए गए बयान को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पीएम ने स्पष्ट संदेश दे दिया है—जिस तरह से आतंकियों ने कायराना हरकत की है, उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। इससे पहले भी ऐसे मामलों में सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
“प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि बड़ी कार्रवाई होगी और उन्होंने जो कहा है, वो करके भी दिखाया है।”
— चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री
विपक्ष के आरोपों पर भी चिराग पासवान ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा किसी चुनावी रैली का हिस्सा नहीं थी, बल्कि वह कई लोगों को उनका हक देने आए थे। 27 लोगों की मौत के बाद विपक्ष का यह कहना कि प्रधानमंत्री रैली कर रहे थे—ये सिर्फ राजनीति है।
“दिक्कत यह है कि विपक्ष को हर बात में राजनीति ही नजर आती है। प्रधानमंत्री आज लोगों को उनका हक देने आए थे, यह चुनावी रैली नहीं थी।
तेजस्वी यादव के महागठबंधन की बैठक में देर से पहुंचने को लेकर चिराग ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि यह महागठबंधन के नेताओं को खुद सोचना चाहिए कि तेजस्वी उन्हें कैसे ट्रीट करते हैं।
“तेजस्वी यादव डेढ़ घंटे बाद बैठक में पहुंचे—इससे समझिए कि वह खुद को क्या समझते हैं और महागठबंधन में दूसरों को कैसे ट्रीट करते हैं।”




